ऑनलाइन मिलेंगे विवाह, जन्म और मृत्यु प्रमाण-पत्र: मुख्यमंत्री सुक्खू की बड़ी घोषणा

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डलहौज़ी हलचल (शिमला): हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि अब राज्य की ग्राम पंचायतों द्वारा जारी किए जाने वाले विवाह प्रमाण-पत्र, जन्म प्रमाण-पत्र, और मृत्यु प्रमाण-पत्र ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। इससे प्रदेशवासियों को इन सेवाओं का लाभ घर बैठे मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को विभिन्न जन सेवाएं सुगमता से उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वह यह बातें ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कह रहे थे।

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सुगम सेवाएँ: प्रमाण-पत्र अब ऑनलाइन

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मुख्यमंत्री ने कहा कि अब नागरिकों को पंचायत कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। विवाह प्रमाण-पत्र (Marriage Certificate), जन्म प्रमाण-पत्र (Birth Certificate) और मृत्यु प्रमाण-पत्र (Death Certificate) जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज अब ऑनलाइन उपलब्ध होंगे, जिससे समय की बचत होगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

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मनरेगा में शानदार प्रदर्शन: रोजगार के नए अवसर

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समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने मनरेगा (MGNREGA) के तहत हुई प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 में 344.31 लाख श्रम दिवस अर्जित किए गए, जो निर्धारित लक्ष्य से अधिक है। वहीं, वर्ष 2024-25 के लिए 300 लाख श्रम दिवस अर्जित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 214.51 लाख श्रम दिवस अब तक अर्जित हो चुके हैं।

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खुले में शौच मुक्त प्रदेश का लक्ष्य

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मुख्यमंत्री सुक्खू ने जानकारी दी कि वर्ष 2024-25 तक हिमाचल प्रदेश के 17,582 गांवों को खुले में शौच मुक्त प्लस (Open Defecation Free Plus) बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 9203 गांव खुले में शौच मुक्त घोषित किए जा चुके हैं, और 2347 गांव पूरी तरह से वेरीफाइड हैं। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के सभी विकास खंडों में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयाँ स्थापित की जा रही हैं, जिनमें से 32 इकाइयाँ बनकर तैयार हो चुकी हैं और 26 कार्यशील हो चुकी हैं।

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महिला सशक्तिकरण में ‘हिम ईरा’ का योगदान

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महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (National Rural Livelihood Mission – NRLM) के तहत तेजी से काम कर रही है। प्रदेश में अब तक 43,161 स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups – SHGs) बनाए जा चुके हैं, जिनकी आर्थिक मदद की जा रही है। हिम ईरा (Him Ira) ब्रांड के तहत इन समूहों के उत्पादों को प्रमोट किया जा रहा है। वर्ष 2023-24 में हिम ईरा द्वारा 1.4 करोड़ रुपये के उत्पाद बेचे गए, और 80 साप्ताहिक बाजारों में 1.2 करोड़ रुपये के उत्पाद विक्रय किए गए।

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ऑनलाइन बिक्री के लिए हिम ईरा उत्पादों को मिलेगा नया मंच

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मुख्यमंत्री ने बताया कि अब इन समूहों के उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म (Online Platform) पर भी बेचा जाएगा, जिससे उनकी पहुंच और अधिक ग्राहकों तक हो सके। हिम ईरा को प्रीमियम ब्रांड के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि इसे प्रतिष्ठित संस्थानों में बेचा जा सके।

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पंचायतों के सशक्तिकरण पर जोर

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ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह ने कहा कि राज्य सरकार पंचायतों के सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। विभिन्न योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी हितधारक मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि लाई जा सके।

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बैठक में वरिष्ठ अधिकारी शामिल

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बैठक में मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, प्रधान सचिव देवेश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव ग्रामीण विकास राजेश शर्मा, निदेशक ग्रामीण विकास राघव शर्मा, और एनआरएलएम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिवम प्रताप सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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