विवाह अनुदान के रूप में 2.24 करोड़ रुपये वितरित, जिला स्तरीय समिति की बैठक में 45 नए मामलों को मंजूरी
डलहौज़ी हलचल (धर्मशाला), 16 मार्च। मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत जिला कांगड़ा में अब तक 878 लाभार्थियों को विभिन्न घटकों के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है, जबकि विवाह अनुदान के रूप में 113 लाभार्थियों को लगभग 2.24 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं।
यह जानकारी अतिरिक्त उपायुक्त कांगड़ा विनय कुमार ने उपायुक्त कार्यालय धर्मशाला में आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा पहल है, जिसका उद्देश्य अनाथ और निराश्रित बच्चों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना तथा उन्हें शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन के लिए सहयोग देना है। इस योजना के तहत पात्र बच्चों को 27 वर्ष की आयु तक विभिन्न प्रकार की वित्तीय और सामाजिक सहायता उपलब्ध करवाई जाती है।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत ऐसे बच्चे पात्र हैं जिनके दोनों माता-पिता का निधन हो चुका है, इसके अलावा जिनके माता-पिता 70 प्रतिशत दिव्यांग हैं, वे भी इस योजना के तहत लाभ के पात्र हैं। लाभार्थियों की पारिवारिक वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए तथा वे अविवाहित और बेरोजगार हों।
योजना के तहत 0 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को बाल देखभाल संस्थानों के माध्यम से तथा 18 से 27 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को संस्थानों के बाहर भी विभिन्न लाभ प्रदान किए जाते हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा के लिए पूर्ण ट्यूशन फीस, छात्रावास एवं मेस शुल्क उपलब्ध करवाया जाता है, जबकि पीजी विद्यार्थियों को 3 हजार रुपये प्रतिमाह सहायता प्रदान की जाती है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को एक लाख रुपये तक की कोचिंग सहायता भी दी जाती है। इसके अलावा भूमिहीन लाभार्थियों को भूमि आवंटन, बेघर लाभार्थियों को 3 लाख रुपये तक गृह निर्माण सहायता तथा विवाह के लिए 2 लाख रुपये की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है। सामाजिक सुरक्षा के तहत 4 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन भी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि जिले में उच्च शिक्षा, व्यावसायिक एवं कौशल विकास के तहत 193 लाभार्थियों को लगभग 63.80 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए 6 लाभार्थियों को लगभग 4.43 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। स्टार्टअप सहायता के अंतर्गत 23 लाभार्थियों को लगभग 32.20 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त गृह निर्माण सहायता के तहत 136 लाभार्थियों को प्रथम किश्त के रूप में लगभग 1.36 करोड़ रुपये तथा 76 लाभार्थियों को द्वितीय किश्त के रूप में लगभग 76 लाख रुपये जारी किए गए हैं। वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अंतर्गत अप्रैल से नवंबर 2025 तक 751 लाभार्थियों को लगभग 2.38 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से योजना का लाभ प्रदान किया जाए तथा योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पंचायत स्तर तक व्यापक जानकारी पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि यह योजना राज्य सरकार की एक संवेदनशील पहल है, जिसका उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को संरक्षण देकर उन्हें सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना है।
बैठक के दौरान जिला स्तरीय समिति द्वारा उच्च शिक्षा के दो, व्यावसायिक शिक्षा के एक, विवाह अनुदान के एक, गृह निर्माण के 21 तथा स्टार्टअप के पांच मामलों को मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा के 21, व्यावसायिक शिक्षा के दो तथा विवाह अनुदान के 11 मामलों को कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान की गई। इन सभी मामलों पर कुल 28.75 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास) अशोक कुमार ने योजना की प्रगति और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में जिला कल्याण अधिकारी साहिल मांडला, डीएसपी धर्मशाला निशा कुमारी सहित महिला एवं बाल विकास विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

