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आपदा प्रबंधन को लेकर 15 सितम्बर को मेगा मॉक अभ्यास
आपदा प्रबंधन को लेकर 15 सितम्बर को मेगा मॉक अभ्यास
 
 डलहौज़ी हलचल (मंडी):  आपदा प्रबंधन को लेकर 15 सितम्बर को सुबह 11 बजे वल्लभ महाविद्यालय, मंडी में सायरन बजने शुरू हों तो घबराएं नहीं । ध्यान रहे, यह सचमुच की आपदा नहीं एक मॉक अभ्यास है। मेगा मॉक अभ्यास के जरिये जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा एनडीआरएफ की टीमें लोगों को तो शिक्षित करेगा ही कोई भी आपदा आने की स्थिति में आपदा प्रबंधन की अपनी तैयारियों की समीक्षा और कमियों का विश्लेषण भी करेगा। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी राजीव कुमार ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर मेगा मॉक अभ्यास के विभिन्न पक्षों की समीक्षा की । इस दौरान उन्होंने जिला आपदा प्रबंधन योजना के सभी पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने कहा यह मॉक अभ्यास वास्तविक आपात स्थिति की तरह ही किया जाएगा। इससे जिला आपदा प्रबंधन योजना के अलावा विभागों की अपनी आपदा प्रबंधन योजना की भी समीक्षा होगी। हमें अपनी कमियों का अंदाजा होगा, साथ ही तैयारियों में अंतर का भी पता चलेगा। यह भी साफ होगा कि आपदा की स्थिति में वल्लभ महाविद्यालय में निर्धारित स्टेजिंग एरिया में पहुंचने में अधिकारियों-कर्मचारियों को कितना समय लगता है और कितनी जल्दी राहत-बचाव कार्य शुरू हो पाते हैं। संसाधनों के उपयोग और संचार आदि की कमियों तथा तैयारियों का भी पता चलेगा। इससे सीख लेकर जिला आपदा प्रबंधन योजना को और पुख्ता बनाने में मदद मिलेगी।

अधिकारियों-कर्मचारियों को पता हों अपने दायित्व सभी उत्तरदायी अधिकारियों और उनके स्टाफ को आपदा प्रबंधन को लेकर अपने दायित्व पता होने चाहिए। कार्यालय प्रमुख यह सुनिश्चित करें कि आपदा प्रबंधन में उनके विभाग का क्या काम है, उत्तरदायी अधिकारी की गैर मौजूदगी में अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारी को क्या करना है, सभी को इसकी जानकारी हो। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने कहा कि मॉक अभ्यास के दौरान सभी विभागों और अधिकारियों-कर्मचारियों के आपसी समन्वय का भी सही पता चलेगा। इस तरह की आपात परिस्थिति में संबंधित विभागों की दक्षता और आपसी समन्वय का विश्लेषण किया जाएगा।

उन्होंने कहा मॉक अभ्यास के माध्यम से जिला में आपदा प्रबंधन की तैयारियों व क्षमताओं का गहन आकलन एवं विश्लेषण किया जाएगा। इस दिन जिला मुख्यालय सहित समस्त उपमंडलों में विभिन्न प्रकार की आपदाओं से प्रतीकात्मक नुकसान मानकर मॉक अभ्यास किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल जैसी केन्द्रीय एजेंसियों के अलावा जिला के आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी हिस्सा लेंगे। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा देश के सभी राज्यों में जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा के लिए मॉक ड्रिल का आयेाजन किया जा रहा है, इसी कड़ी में 15 सितम्बर 2021 को जिला मंडी में भी यह कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा ।

बैठक में एसडीएम सदर रितिका जिंदल, डीएसपी, हैडक्वारटर राजेश कुमार, जिला राजस्व अधिकारी राजीव सांख्यान, रैडक्रास सोसायटी के सचिव ओ.पी. भाटिया, एनडीआरएफ, बीबीएमबी पंडोह के अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।