ईडी जांच करेगी स्वघोषित स्वयंवर खरात की संपत्तियों की; कॉल रिकॉर्ड लीक की भी होगी जांच: फडणवीस
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसी को भी कॉल डिटेल रिकॉर्ड की पहुँचने का अधिकार नहीं है। यह टिप्पणी एक ऐसे समय में आई है जब एक एक्टिविस्ट ने दावा किया है कि डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और खरात के बीच 17 फोन कॉल्स का विनिमय हुआ है। खरात पर कई मामलों में बलात्कार और संपत्ति से संबंधित धोखाधड़ी के आरोप हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉल रिकॉर्ड का किसी को भी अवैध या अनधिकृत तरीके से उपयोग करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां ही इस तरह के तथ्यों की सही तरीके से छानबीन करेंगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि तथ्यों की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी कदम उठाते हुए खरात की संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। ईडी की इस जांच का उद्देश्य धोखाधड़ी से मिली संपत्ति का पता लगाना और उसे जब्त करना है। फडणवीस ने घोषणा की कि कॉल रिकॉर्ड लीक की घटना की भी बारीकी से जांच होगी, जिससे यह पता लगाया जा सके कि इस संवेदनशील जानकारी का खुलासा किसने किया।
जानकारी के अनुसार, खरात पर आरोप है कि उसने अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर विभिन्न युवतियों को कथित रूप से शोषित किया है और संपत्ति का अवैध अधिग्रहण किया है। इसके अलावा, शिंदे के नाम से जुड़ी कॉल्स ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
राज्य सरकार ने इस घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार का अपराध, चाहे वह राजनीतिक संदर्भों में हो या व्यक्तिगत, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने कानून-प्रणाली का सम्मान करते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
इस मामले में आगे की जांच और निष्पक्ष रिपोर्ट से ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि क्या खरात के खिलाफ आरोप सही हैं और क्या कॉल रिकॉर्ड लीक का मामला भी राजनीतिक षड़यंत्र का हिस्सा है या नहीं। फिलहाल, सभी की नजरें ईडी और अन्य जांच एजेंसियों पर टिकी हैं जो अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभा रही हैं।
