तेलंगाना एसीबी ने ₹42 लाख के संदिग्ध लेनदेन का किया खुलासा; एसआरओ के आवास से 819 ग्राम सोना और 2.6 किग्रा चांदी बरामद

हैदराबाद: तेलंगाना में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों (एसआरओ) में संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों का खुलासा करते हुए ₹42 लाख से अधिक की नकदी जब्त की है। जांच के दौरान 819 ग्राम सोना और 2.6 किलो चांदी भी संबंधित एसआरओ अधिकारियों के आवासों से बरामद की गई है। साथ ही, अधिकारियों ने एसआरओ परिसर […]

हैदराबाद: तेलंगाना में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों (एसआरओ) में संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों का खुलासा करते हुए ₹42 लाख से अधिक की नकदी जब्त की है। जांच के दौरान 819 ग्राम सोना और 2.6 किलो चांदी भी संबंधित एसआरओ अधिकारियों के आवासों से बरामद की गई है। साथ ही, अधिकारियों ने एसआरओ परिसर में लगभग 20 अनधिकृत एजेंटों और दस्तावेज लेखक को कब्जे में लिया है।

सूत्रों के अनुसार, यह खुलासा एक लंबी और सतत जांच के बाद हुआ है, जिसमें एसीबी अधिकारियों ने इनकमी ट्रैकिंग और सतर्कता से संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाई। इन एजेंटों और दस्तावेज लेखकों ने एसआरओ परिसर में बिना अनुमति के काम करते हुए नियमों का उल्लंघन किया। उनकी संलिप्तता भ्रष्टाचार और फर्जी दस्तावेजों की तैयारी में सामने आई है, जिससे सरकारी प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास हुआ।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि एसआरओ में काम करने वाले कुछ अधिकारियों का भी इस पूरे मामले में संलिप्त पाया गया है, जिन्होंने एजेंटों को अंडर-द-टेबल लेनदेन में मदद की और आवश्यक प्रक्रियाओं में गड़बड़ी की। बरामद धनराशि और कीमती धातुओं की जांच जारी है, जिससे पता चल सके कि यह धन किस स्रोत से आया है और अधिक लोग इसमें शामिल हैं या नहीं।

इस कार्रवाई के बाद तेलंगाना सरकार ने एसआरओ में भ्रष्टाचार रोखने के लिए कड़े कदम उठाने की घोषणा की है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक एसआरओ के अंदर ऐसी अनाधिकृत गतिविधियों पर नजर रखें और अंदरूनी जांच को मजबूत करें। जनता से भी अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार या अनधिकृत गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित विभाग या एसीबी को दें।

गौरतलब है कि सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में आमतौर पर संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों का पंजीयन होता है, जहां पारदर्शिता का अभाव कभी-कभी भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है। इस छापेमारी से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि प्रशासन इस दिशा में गंभीर है और भ्रष्ट गतिविधियों को रोकने के लिए निर्णायक कदम उठा रहा है।

इस मामले में आगे और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है क्योंकि एसीबी और संबंधित विभाग जांच को और गहराई से कर रहे हैं। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सशक्त सन्देश है और इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी। जनता की उम्मीद है कि सरकार इस तरह की कड़ी कार्रवाई लगातार बनाए रखेगी ताकि प्रशासन में पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता बनी रहे।

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