पेट्रोलियम मंत्रालय ने प्रत्येक राज्य में प्रवासी मजदूरों के लिए सिलेंडर आवंटन दोगुना किया
नई दिल्ली। पेट्रोलियम मंत्रालय ने प्रवासी मजदूरों के लिए एलपीजी सिलेंडर आवंटन को दोगुना कर दिया है, जिससे इस वर्ग को घरेलू ऊर्जा के संकट से राहत मिली है। मार्च 23 से अब तक लगभग 6.75 लाख 5-किलो के मुक्त व्यापार एलपीजी सिलेंडर बेचे जा चुके हैं, जो सरकार की इस दिशा में की गई ठोस पहल को दर्शाता है।
सरकार ने प्रवासी मजदूरों और कम आय वर्ग के लिए विशेष योजनाओं को लागू कर घरेलू ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। इससे न केवल इन्हें खाना पकाने की सुविधा प्राप्त हुई है, बल्कि घरेलू प्रदूषण में भी कमी आई है। सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, इस कदम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को उचित कीमत पर एलपीजी सिलेंडर मिल सकेगा।
मंत्रालय ने बताया कि राज्य सरकारों के सहयोग से यह वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि सिलेंडर समय पर और उचित मात्रा में प्रवासी मजदूरों तक पहुंचें। व्यापारिक एलपीजी सिलेंडर के दोगुना आवंटन से प्रवासी मजदूरों की आवश्यकताओं को जल्द और बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड-19 महामारी के बाद प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए सरकार की यह पहल सराहनीय है, क्योंकि उन्हें अन्य संसाधनों की कमी के कारण गैस सिलेंडर प्राप्त करने में कई बाधाओं का सामना करना पड़ता था। अब इस फैसले से उनकी ज़िंदगी में सुधार की उम्मीद बढ़ी है।
सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि आवंटित सिलेंडरों का दुरुपयोग नहीं किया जाए और वितरण में पारदर्शिता बरती जाए। इसके लिए लगातार निगरानी और समीक्षा का प्रावधान किया गया है।
मंत्री ने कहा, “हमारे प्रवासी मजदूर हमारे देश की रीढ़ हैं। उनकी सुविधा और सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। एलपीजी सिलेंडर आवंटन बढ़ाकर हम उनकी ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर रहे हैं।”
इस योजना के अंतर्गत आने वाले लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे वे बिना किसी विलंब के घरेलू रसोई गैस का लाभ उठा सकें। इसके अतिरिक्त, सरकार ने आम जनता को भी एलपीजी सिलेंडर खरीदने के लिए सहूलियतें प्रदान की हैं।
इस पहल से घरेलू आर्थिक सरोकारों की पूर्ति होगी और ऊर्जा उपयोग में वृद्धि के साथ-साथ सुरक्षा मानकों में भी सुधार होगा। प्रवासी मजदूरों की बेहतर सेवा के लिए भविष्य में और भी कदम उठाने की योजना बनाई जा रही है।