शशि पांजा का सवाल: इतने सच्चे मतदाताओं को बाहर रखा जाए तो बंगाल चुनाव कैसे हो सकता है निष्पक्ष?
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की तीन बार विधायक शशि पांजा ने केन्द्र सरकार पर बड़ा सवाल उठाया है कि अगर भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार राज्य में जीत को लेकर इतना सुनिश्चित है, तो उसने इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं को वोटिंग से कैसे वंचित कर दिया। शशि पांजा, जो खुद सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की महत्वपूर्ण नेता हैं, ने कहा कि कई सच्चे मतदाता, जिनमें वह स्वयं भी हैं, मतदाता सूची में विवाद के कारण शामिल नहीं हो पाए।
शशि पांजा के अनुसार, मतदाता पहचान और वोटर सूची से बाहर करने की प्रक्रिया में भारी अनियमितता देखने को मिली है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर भाजपा को अपनी जीत पर इतना भरोसा है, तो ऐसे क्यों उन्हें मतदाता संख्या घटाने के लिए इतनी गहराई तक जाना पड़ा। पांजा ने कहा, “यह लोकतंत्र के लिए खतरा है अगर कुछ मतदाता बिना किसी गलती के भी मतदान से वंचित रह जाते हैं। हम चाहते हैं कि सभी का मतदान सुनिश्चित हो, जो कि एकमात्र सही और निष्पक्ष चुनाव की नींव है।”
शशि पांजा ने मतदान अधिकार से वंचित लोगों के अनुभव साझा करते हुए बताया कि मतदान प्रक्रिया के बाद भी कई लोगों को अर्जी लगानी पड़ी और कई मामलों में न्यायिक निर्णय के बाद ही उन्हें वोट देने का अधिकार मिला। इसके चलते चुनाव की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य में चुनाव को लेकर केंद्र सरकार को पारदर्शिता से काम लेना चाहिए और मतदाता सूची को सही अभिलेखों के आधार पर अद्यतन करना चाहिए। साथ ही, वह सभी बीपीएल वोटरों की समस्याओं को जल्द दूर करने की मांग करती हैं ताकि आगामी चुनाव पूरी तरह से निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से आयोजित हो सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि मतदाता वंचित करने की ऐसी घटनाएं लोकतंत्र को कमजोर करती हैं और इससे मतदाताओं का विश्वास चुनाव प्रणाली से उठने लगता है। इसलिए, राज्य और केंद्र सरकार को मिलकर इस मुद्दे का समाधान ढूंढना बेहद जरूरी है।
पिछले कुछ महीनों में पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची को लेकर कई विवाद सामने आए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में नाम अज्ञात कारणों से बाहर किए गए हैं। इस संदर्भ में शशि पांजा की भाषा काफी तीखी रही और उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है।
राजनीतिक विश्लेषक भी मानते हैं कि चुनाव में सभी सशक्त मतदाताओं को शामिल करना जरूरी है ताकि चुनाव परिणाम जनता की वास्तविक पसंद को दर्शा सके। अन्यथा चुनाव की वैधता और लोकतंत्र की आधारशिला कमजोर हो सकती है।
अंत में, शशि पांजा ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस इस मामले को सभी कानूनी और संवैधानिक माध्यमों से उठाएगी और राज्य के मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी सतर्कता बरतेगी। उन्होंने आम जनता से आग्रह किया कि वे अपने मतदान अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी प्रकार की अनियमितता का सामना करें तो प्रशासन और पार्टी से संपर्क करें।
