डलहौज़ी हलचल (मंडी), 18 मार्च। जिले में आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देने के उद्देश्य से जिला स्तरीय समीक्षा समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता गुरसिमर सिंह ने की, जिसमें बैंकिंग योजनाओं और वित्तीय समावेशन कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी बैंकों को निर्देश दिए कि वे ऋण वितरण में तेजी लाएं और विशेष रूप से स्वरोजगार योजनाओं, किसान क्रेडिट कार्ड और महिला स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता दें, ताकि पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंच सके।
उन्होंने विभागों को निर्देशित किया कि वे एक सप्ताह के भीतर प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सूची उपलब्ध करवाएं, जिससे ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र (RSETI) के माध्यम से लोगों को प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
बैठक में जानकारी दी गई कि आरसेटी द्वारा अप्रैल से दिसंबर 2025 तक 16 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 488 लोगों को प्रशिक्षित किया गया। इन प्रशिक्षणों में आचार-मसाला, टेलरिंग, मशरूम उत्पादन, जूट उत्पाद, खिलौने, मोमबत्ती निर्माण और मधुमक्खी पालन जैसे रोजगारपरक कौशल सिखाए गए।

अग्रणी जिला प्रबंधक चंद्र प्रकाश ने बताया कि बैंकों द्वारा प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने जोर देते हुए कहा कि बैंक और विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि जिले में आर्थिक विकास को और गति मिल सके।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव भी साझा किए। इस अवसर पर नगर निगम मंडी के आयुक्त, जिला विकास अधिकारी, आरबीआई और नाबार्ड के अधिकारी सहित कई बैंक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

