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सात वर्षीय करण के नाक से निकाली जिन्दा जोंक, डॉ. सिद्धार्थ ने किया सफल इलाज
सात वर्षीय करण के नाक से निकाली जिन्दा जोंक, डॉ. सिद्धार्थ ने किया सफल इलाज
 
डलहौज़ी हलचल (डलहौज़ी) :  नागरिक अस्पताल डलहौजी के ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ सिद्धार्थ ने एक किशोर के नाक से करीब 3 इंच लंबी जिंदा जोंक निकालने मे सफलता हासिल की है । उपमंडल डलहौजी के बगढार निवासी सात वर्षीय करण वीर राणा पिछले 3-4  दिन से बाईं नासिका से लगातार खून के रिसाव से परेशान था। पहले परिजनों को लगा कि ऐसा गर्मी की वजह से हो रहा है, लेकिन करण के नाक मे ब्लॉकेज होने लगी और सांस लेने मे भी दिक्कत होने लगी जिसके उपरांत करण के परिजन जब नागरिक अस्पताल डलहौजी पहुंचे तो यहां ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. सिद्धार्थ ने उसकी जांच की। जाँच में पता चला कि उसकी बाईं नासिका  में जोंक है जिसकी वजह से उसकी नाक से खून का रिसाव हो रहा है। परिजनों ने बताया कि हो सकता है, पिछले दिनों जब वह प्राकृतिक जल स्त्रोत पर एक जगह पानी पी रहा था, उसी दौरान ये जोंक उसकी नाक में चली गई होगी। 

डॉ. सिद्धार्थ ने पाया कि सामान्य तरीके से जोंक को नाक से निकालना संभव नहीं है। अत: उन्होंने लोकल एनेस्थिसिया देकर नाक के हिस्से को सुन्न करके जोंक निकालने का फैसला लिया। जिसके पश्चात वह करण के नाक से जोंक निकालने में सफल हुए। करण की चिकित्सीय देखरेख के बाद उसे अस्पताल से छूट्टी दे दी गई है और अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं करण के परिजनों ने डॉ सिद्धार्थ का आभार व्यक्त किया ।

डॉ. सिद्धार्थ ने कहा कि प्राकृतिक जल स्त्रोतों का पानी पूरी सावधानी से पीना चाहिए, क्योंकि कई प्राकृतिक जल स्त्रोतों का पानी दूषित अथवा उनमें सूक्ष्म कीड़े होते हैं। अत: ऐसी जगहों पर पानी पीने से पहले हमें देख लेना चाहिए कि यह पानी पूरी तरह पीने योग्य है या नहीं। साथ ही हमें प्राकृतिक जल स्त्रोतों का पानी मुंह लगाकर नहीं पीना चाहिए।