डलहौज़ी हलचल (धर्मशाला) : हिमाचल प्रदेश में आगामी चुनावी प्रक्रियाओं को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए आज धर्मशाला में मंडल स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। पंडित दीनदयाल सम्मेलन कक्ष (हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड) में आयोजित इस एक दिवसीय विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यशाला की अध्यक्षता प्रदेश की मुख्य निर्वाचन अधिकारी नदिता गुप्ता (IAS) ने की। इस दौरान कांगड़ा, चम्बा, हमीरपुर और ऊना जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों ने चुनावी तैयारियों का बारीकी से रोडमैप तैयार किया।
तकनीकी सटीकता और फील्ड वर्क पर जोर
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नदिता गुप्ता ने कार्यशाला के दौरान एसआईआर (SIR) से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण में किसी भी प्रकार की चूक की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को संभावित चुनौतियों से निपटने और नई तकनीकों का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए।
चार जिलों के आला अधिकारियों का जमावड़ा
इस कार्यशाला में कांगड़ा के जिला निर्वाचन अधिकारी (DC) हेमराज बैरवा, अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार और एडीएम शिल्पी बेक्टा सहित चारों जिलों के समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (SDM/ADM), तहसीलदार, नायब तहसीलदार और निर्वाचन कानूनगो ने भाग लिया। निर्वाचन विभाग के आईटी स्टाफ ने भी डिजिटल प्रक्रियाओं को समझने के लिए अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।

आईटी अनुप्रयोगों और प्रशिक्षण पर विशेष सत्र
प्रशिक्षण सत्र के दौरान निर्वाचक अधिकारी उपेंद्रनाथ शुक्ला और तहसीलदार (प्रशिक्षण) मुंशी राम ने प्रतिभागियों को निर्वाचन विभाग के जटिल दिशा-निर्देशों को सरल भाषा में समझाया। वहीं, प्रोग्रामर विरेन्द्र कुमार ने आईटी से संबंधित विभिन्न एप्लिकेशन और सॉफ़्टवेयर के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी, ताकि डेटा फीडिंग और पुनरीक्षण कार्य में तेजी लाई जा सके।

