डलहौज़ी हलचल (भरमौर/चंबा): जिला चंबा के जनजातीय क्षेत्र भरमौर से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है। भरमौर और होली क्षेत्र को आपस में जोड़ने वाला नवनिर्मित सिंयूंर वैली पुल (Siunur Valley Bridge) शुक्रवार सुबह भारी लैंडस्लाइड की चपेट में आकर पूरी तरह ध्वस्त हो गया और टूटकर सीधे रावी नदी में जा गिरा।
4 करोड़ की लागत और 2 साल की मेहनत पर फिरा पानी
इस पुल का निर्माण लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा पिछले करीब दो वर्षों से किया जा रहा था। स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर इस पुल का निर्माण लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा था। हाल ही में पुल पर स्टील संरचना (Steel Structure) का कार्य लगभग पूरा हो चुका था और उम्मीद जताई जा रही थी कि अगले कुछ महीनों में इस पर वाहनों की आवाजाही विधिवत रूप से शुरू हो जाएगी।
सुबह 8 बजे अचानक बरसीं चट्टानें
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे पहाड़ी से अचानक भारी मलबा और विशालकाय चट्टानें गिरने लगीं। मलबे का वेग इतना अधिक था कि पुल का मुख्य हिस्सा उसे सहन नहीं कर पाया और टूटकर नदी में गिर गया। गनीमत यह रही कि हादसे के समय वहां कोई मजदूर या स्थानीय व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे जानी नुकसान टल गया।
वैकल्पिक मार्ग के रूप में था अत्यंत महत्वपूर्ण
यह पुल केवल एक निर्माण नहीं, बल्कि होली क्षेत्र के लिए लाइफलाइन माना जा रहा था।
वैकल्पिक मार्ग: आपदा के दौरान जब भी खड़ामुख-होली मार्ग बंद होता था, तो इसी मार्ग का उपयोग वैकल्पिक रास्ते के रूप में किया जाता था।
संपर्क कटा: पुल के टूटने से संबंधित पंचायतों का सीधा संपर्क प्रभावित हो गया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
प्रशासनिक जांच की मांग
पुल गिरने की सूचना मिलते ही क्षेत्र में मायूसी छा गई है। स्थानीय जनता ने प्रशासन और PWD के उच्च अधिकारियों से मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लेने और पुल के पुनर्निर्माण के लिए जल्द कदम उठाने की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना से क्षेत्र में चल रहे राहत कार्यों और भविष्य की आवाजाही पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।









