डलहौज़ी हलचल (ऊना): जिला ऊना का हरोली क्षेत्र इस वर्ष एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक संगम का साक्षी बनने जा रहा है। प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण सोमभद्रा नदी (स्वां नदी) के तट पर, हरोली-रामपुर पुल के समीप रोड़ा मैदान में 11 से 14 अप्रैल तक राज्य स्तरीय हरोली उत्सव-2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू करेंगे विधिवत शुभारंभ
इस राज्य स्तरीय उत्सव का शुभारंभ प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू करेंगे। 11 अप्रैल को मुख्यमंत्री जलशक्ति विभाग के विश्राम गृह हरोली से आयोजन स्थल तक निकलने वाली पारंपरिक शोभायात्रा में सम्मिलित होंगे और उत्सव का विधिवत आगाज़ करेंगे।
नदी तट पर पहली बार आयोजन: प्रकृति और संस्कृति का मिलन
उत्सव संयोजक एवं एसडीएम हरोली विशाला शर्मा ने बताया कि इस वर्ष उत्सव को एक नया और अनूठा स्वरूप दिया गया है। पहली बार इसका आयोजन सोमभद्रा नदी के तट पर किया जा रहा है, जिससे यह बैसाखी पर्व के पारंपरिक और आध्यात्मिक महत्व के और अधिक निकट होगा।
सांस्कृतिक संध्याएँ: गिप्पी ग्रेवाल और एमी विर्क का दिखेगा जादू
उत्सव की चारों सांस्कृतिक संध्याएँ (Star Nights) विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी, जिनमें हिमाचल और पंजाब के नामी कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे:
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11 अप्रैल: पंजाबी सुपरस्टार गिप्पी ग्रेवाल अपनी ऊर्जावान प्रस्तुति से उत्सव की शुरुआत करेंगे।
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12 अप्रैल: जी. खान और प्रभ गिल के सुरों से सजेगी शाम।
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13 अप्रैल: हिमाचल के सुप्रसिद्ध लोक गायक कुलदीप कुमार एवं अनुज शर्मा पहाड़ी संस्कृति का रंग जमाएंगे।
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14 अप्रैल: समापन संध्या में गुलरेज़ अख़्तर और एमी विर्क अपने हिट गानों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।
केवल मनोरंजन नहीं, प्रगति का भी उत्सव
हरोली उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा विकास और रोजगार पर भी विशेष ध्यान दिया गया है:
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रोजगार मेला: 14 अप्रैल को एक विशाल रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें नामी कंपनियां युवाओं को नौकरी के अवसर प्रदान करेंगी।
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विविध आयोजन: पशु मेला, डॉग शो, बेबी शो और विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा विकास प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
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स्थानीय प्रतिभा: ऑडिशन के माध्यम से चयनित स्थानीय कलाकारों को भी इस राज्य स्तरीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
प्रशासन की तैयारियां मुकम्मल
उपमुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिला प्रशासन ने उत्सव को भव्य बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया है। सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। सोमभद्रा तट पर आयोजित होने वाला यह उत्सव हरोली की पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला एक ऐतिहासिक आयोजन साबित होगा।








