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सड़कों पर रात को बैठे आवारा पशु अक्सर बन जाते दुर्घटना की वजह
आवारा पशुओं की वजह से लोग परेशान
 

 

डलहौज़ी हलचल (नूरपुर) संजीव महाजन : क्षेत्र में बढ़ते आवारा पशु हर किसी के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहे है । आवारा पशु चाहे गांवों के लिंक रोड हो या एन एच रोड हो यहाँ वहां दिन रात घूमते और बैठे रहते हैं जिससे सड़कों पर दुर्घटनाओं का होना या खतरा रहना  और गांवों में फसल बर्बाद होने पर किसान को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । सम्बंधित विभाग के आगे लोग गुहार लगा लगा कर थक गए लेकिन विभाग के अधिकारियों पर इसका कोई असर होता नहीं दिखता । शायद यह लोग किसी बड़े हादसे  के इंतजार में है ।

सड़को व बाजारों  में घुमते बैल जहां वाहनो के लिये दिक्कत बने हुए है वही राहगीरों  को डराने के साथ उन पर हमला भी कर रहे है ।  आवारा बैल के हमले से कई बार लोग घायल होते रहते हैं जबकि आये दिन यह  बैल वाहनों को भी टक्कर मार कर नुकसान पहुँचा रहे है और यातायात प्रभावित करने के साथ दुर्घटनाओ को भी न्योता दे रहे है ।

रात को यह आवारा पशु सड़क के बीच बैठ रहते हैं जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है ।  वैसे तो सरकारें इन आवारा पशुओं को लेकर बड़े बड़े दावे करती रहती है और  हर पंचायत में गौशालाएं बनाने की बात की जाती है लेकिन  वह कागजी कार्रवाई तक है।    धरातल में कुछ भी नहीं है।  लोग भी अपना मतलब हल हो जाने पर इन वेजुवान पशुओं को इधर उधर छोड़ने में कोई कसर नही छोड रहे हैं।  हालांकि कई जगह समाजसेवी युवा समय समय पर कई घायल आवारा पशुओं की मलम पट्टी करके गौशालाओं में छोड़ने  का कार्य भी कर रहे ।

गौसेवक अर्पण चावला का कहना है कि सनातन धर्म में गाय को गौमाता का दर्जा दिया गया है पर आज गाय माता की बहुत ही दायनिय स्थिति हो रही । अक्सर सड़कों पर देखा जाता है लोग अपनी पशुओं को यूंही आवारा छोड़ रहे हैं जिसके कारण सड़कों पर दुर्घटनाओं होने का खतरा रहता है और हो भी रही है।  हमने कई जगहों पर घायल पशुओं की मलम पट्टी करके इन्हें गौशालाओं में भी छोड़ा है । मेरी सभी लोगों से अपील है कि वह अपने पालतू पशुओं को अपना मतलब हल होने के बाद यूं आवारा न छोड़ें ।