Movie prime
विधिक सेवाएं प्राधिकरण से मुफ्त में लें कानूनी सुविधाओं का लाभ- मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी
विधिक सेवाएं प्राधिकरण से मुफ्त में लें  कानूनी सुविधाओं  का लाभ-  मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी
 
डलहौज़ी हलचल (चंबा) :  जिला विधिक  सेवाएं प्राधिकरण के तत्वावधान में  आज  बचत भवन चंबा में  विधिक सेवाएं जागरूकता  शिविर का आयोजन किया गया । शिविर की अध्यक्षता करते हुए  मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सचिन रघु  ने कहा है कि तीन लाख से कम  वार्षिक आय अर्जित करने वाले लोगों को अपने अधिकारों की सुरक्षा करने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण मुफ्त में कानूनी सहायता उपलब्ध कराता है । ताकि किसी अभाव या लाचारी के कारण लोगों को अन्याय का सामना करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि  अनुसूचित जाति ,जनजाति ,पिछड़ा वर्ग ,महिलाएं व बच्चों के लिए आय सीमा  निर्धारित नहीं है। प्राधिकरण को सादे कागज पर एक प्रार्थना पत्र देकर मुफ्त में कानूनी सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है।

पात्र लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने बताया कि अब नालसा  ऐप के माध्यम से भी प्राधिकरण  से कानूनी सहायता के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है । नालसा ऐप  गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है ।

मध्यस्थता के माध्यम से आपसी विवाद को हल करने के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इससे ना केवल समय एवं पैसों की बचत होती है अपितु आपसी  सद्भाव एवं भाईचारा भी कायम रहता है।

शिविर में जिला कार्यक्रम अधिकारी स्वास्थ्य डॉक्टर करण हितेषी ने कोविड-19 टीकाकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करते हुए कहा कि कोरोना वैक्सीन प्राणघातक जटिलताओं से बचने में अति महत्वपूर्ण है ।

उन्होंने शिविर में उपस्थित विशेषकर महिलाओं से आह्वान करते हुए कहा कि आमजन में प्रचलित अफवाहों और बेमतलब बहानों पर ध्यान ना देते हुए  टीकाकरण की दूसरी डोज लगवाने के लिए लोगों को प्रेरित अवश्य करें । उन्होंने इस दौरान मातृ एवं शिशु देखभाल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान की ।

इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवाएं बालकृष्ण शर्मा ने कुपोषण और पूर्ण  पोषाहार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की ।

शिविर में अधिवक्ता अरुण शर्मा, हिमाक्षी गौतम, ओपी भारद्वाज ने बाल संरक्षण अधिनियम, महिलाओं के अधिकार, नालसा के तहत मुआवजा राशि प्राप्त करने दहेज उन्मूलन, गिरफ्तार किए गए लोगों के अधिकारों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी से अवगत कराया।