डलहौज़ी हलचल (सोलन/शिमला): हिमाचल प्रदेश के शैक्षणिक परिदृश्य को आधुनिकता के सांचे में ढालने और तकनीकी शिक्षा को रोजगार की नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने के उद्देश्य से आज एक महत्वपूर्ण शिष्टाचार भेंट संपन्न हुई। जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, सोलन के कुलपति प्रो. राजेंद्र कुमार शर्मा ने लोक भवन में राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से मुलाकात कर विश्वविद्यालय की आगामी योजनाओं और राज्य के विकास में शिक्षा की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की।
कौशल आधारित शिक्षा पर महामहिम का जोर
मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि डिग्रियों के दौर में अब ‘कौशल’ ही भविष्य की असली मुद्रा है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि विश्वविद्यालयों को अपनी चारदीवारी से बाहर निकलकर उद्योग जगत की बदलती जरूरतों को समझना होगा। राज्यपाल के अनुसार, शोध और उद्यमिता (Entrepreneurship) को केवल किताबों तक सीमित न रखकर उन्हें धरातल पर उतारना अनिवार्य है, ताकि प्रदेश का युवा न केवल रोजगार पाने वाला, बल्कि रोजगार देने वाला भी बने।
तकनीकी नवाचार में जेपी यूनिवर्सिटी का योगदान
राज्यपाल ने जेपी यूनिवर्सिटी द्वारा स्थापित उच्च शैक्षणिक मानकों की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि संस्थान पूर्व की भांति हिमाचल को तकनीकी शिक्षा का केंद्र बनाए रखने में अपनी अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा। उन्होंने कुशल मानव संसाधन के विकास को राज्य की प्रगति की रीढ़ बताया।
कुलपति ने साझा किया भविष्य का विजन
इस संवाद के दौरान कुलपति प्रो. राजेंद्र कुमार शर्मा ने राज्यपाल को विश्वविद्यालय में चल रही शोध गतिविधियों और हाल ही में शुरू की गई ‘इंडस्ट्री-अकादमिक’ सहयोग की पहलों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कैसे संस्थान आधुनिक तकनीकों और नवाचार (Innovation) के माध्यम से छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रहा है।
इस महत्वपूर्ण भेंट के दौरान जेपी यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) आर.के. शर्मा भी उपस्थित रहे, जो शिक्षा और अनुशासन के समन्वय का प्रतीक बनकर उभरे।

