पेट्रोलियम मंत्रालय ने प्रत्येक राज्य में प्रवासी मजदूरों के लिए सिलेंडर आवंटन दोगुना किया

नई दिल्ली, 27 अप्रैल: केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान प्रवासी मजदूरों की कठिनाईयों को ध्यान में रखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने हर राज्य में प्रवासी मजदूरों के लिए एलपीजी गैस सिलेंडर आवंटन को दोगुना करने का निर्णय लिया है। यह पहल उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित […]

नई दिल्ली, 27 अप्रैल: केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान प्रवासी मजदूरों की कठिनाईयों को ध्यान में रखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने हर राज्य में प्रवासी मजदूरों के लिए एलपीजी गैस सिलेंडर आवंटन को दोगुना करने का निर्णय लिया है। यह पहल उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, 23 मार्च से अब तक लगभग 6.75 लाख 5-किलो के मुफ्त ट्रेड एलपीजी सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। यह सिलेंडर विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों के लिए उपलब्ध कराए गए हैं ताकि उन्हें खाना पकाने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

मंत्रालय ने बताया कि कुल मिलाकर हर राज्य में प्रवासी मजदूरों की संख्या को ध्यान में रखकर सिलेंडर की आवंटन सीमा बढ़ाई गई है। इस कदम से कई प्रवासी परिवारों को राहत मिली है जो लॉकडाउन और कार्यस्थल बंद होने की वजह से घर वापसी के दौरान कई समस्याओं का सामना कर रहे थे।

इसके अलावा सरकारी एजेंसियां और एलपीजी वितरक एजेंट भी प्रवासी मजदूरों के लिए ड्राइव करते हुए गैस सिलेंडर की बिक्री एवं वितरण तेजी से कर रहे हैं ताकि निरंतर आपूर्ति बनी रहे। घर घर सिलेंडर पहुंचाने की व्यवस्था के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, जिससे लोगों को कोरोना से बचाते हुए घरेलू गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस योजना के तहत आने वाले महीनों में और भी प्रवासी मजदूरों तक पहुंचने की उम्मीद है क्योंकि सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है। साथ ही इस पहल से गैस की कालाबाजारी रोकने में भी मदद मिलेगी।

इस योजना के तहत प्रवासी मजदूरों को पांच किलो के छोटे सिलेंडर मुफ्त या सब्सिडी के दामों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जो घरेलू उपभोग के लिए सुविधाजनक हैं। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि प्रवासी मजदूरों को एलपीजी की सही जानकारी और लाभ दिलाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।

सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि एलपीजी गैस की इस आपूर्ति से गरीब और प्रवासी मजदूर परिवारों की भलाई और जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय की यह पहल एक समस्या का समाधान करते हुए आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो रही है।

सरकार की इस योजना का उद्देश्य प्रवासी मजदूरों को रसोई गैस की सुविधा पहुंचाना और उन्हें घर पर सुरक्षित तरीके से खाना पकाने में सहायता प्रदान करना है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक लगभग सात लाख से अधिक सिलेंडर इस योजना के अंतर्गत वितरित किए जा चुके हैं और यह संख्या बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार ने साथ ही राज्यों से अपील की है कि वे इस योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन करें और प्रवासी मजदूरों तक पूरी जानकारी पहुंचाएं ताकि उन्हें लाभान्वित किया जा सके।

पिछले वर्ष से जारी महामारी की चुनौतियों के बीच यह बड़ी खबर प्रवासी मजदूरों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है। सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर इस वर्ग की मदद के लिए जारी इस योजना की प्रतिक्रिया भी सकारात्मक है और आने वाले समय में इसे और ज्यादा प्रभावशाली बनाने की कोशिश जारी रहेगी।

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