बाल सुरक्षा को लेकर मंडी पुलिस हुई अपडेट, 50 अधिकारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण
बच्चों की सुरक्षा को लेकर मंडी पुलिस के लिए विशेष कार्यशाला
डलहौज़ी हलचल | मंडी
जिला बाल संरक्षण इकाई मंडी द्वारा सोमवार को मंडी पुलिस अधिकारियों के लिए एक विशेष बाल संरक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) डॉ. मदन कुमार ने की। कार्यक्रम में जिला मंडी के लगभग 50 पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यशाला का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को बच्चों की देखभाल, सुरक्षा और संरक्षण से जुड़े विभिन्न कानूनों एवं नवीनतम कानूनी प्रावधानों की जानकारी प्रदान करना था।
बच्चों को शोषण से बचाने में पुलिस की भूमिका अहम
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए एडीएम डॉ. मदन कुमार ने कहा कि बच्चों को शोषण और अपराधों से बचाने में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए ताकि कानून लागू करने वाले अधिकारियों को नए प्रावधानों और संशोधनों की अद्यतन जानकारी मिलती रहे।
उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा, पुनर्वास, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने में विभिन्न अधिनियम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पुलिस की निष्पक्ष, संवेदनशील और जिम्मेदार कार्यशैली बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
बाल अधिकार और किशोर न्याय अधिनियम पर हुई विस्तृत चर्चा
कार्यशाला में जिला बाल संरक्षण अधिकारी एन.आर. ठाकुर ने प्रतिभागियों को बाल अधिकारों, किशोर न्याय अधिनियम, बाल शोषण रोकथाम तथा बाल तस्करी के मामलों में पुलिस की भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने खोए हुए बच्चों से जुड़े मामलों में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी भी साझा की तथा बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला।
पोक्सो अधिनियम और बाल अपराधों पर दी जानकारी
कार्यक्रम में अधिवक्ता मुकेश सैनी ने पुलिस अधिकारियों को पोक्सो (POCSO) अधिनियम, बाल यौन अपराधों, पीड़ित बच्चों के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता और कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बच्चों से जुड़े अपराधों के मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय और संरक्षण मिल सके।
बाल विवाह और बाल श्रम कानूनों पर भी हुआ मंथन
प्रोबेशन अधिकारी रमा कुमारी ने कार्यशाला के दौरान बाल विवाह निषेध अधिनियम तथा बाल श्रम कानूनों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह और बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों को रोकने के लिए पुलिस, प्रशासन और समाज को मिलकर कार्य करना होगा।
विशेषज्ञों ने साझा किए महत्वपूर्ण कानूनी पहलू
कार्यशाला में उपस्थित सभी विशेषज्ञों ने अपने-अपने विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कानूनी प्रावधानों, प्रक्रियाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी।
प्रतिभागियों ने भी विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
बच्चों के हितों की रक्षा के लिए बढ़ेगी जागरूकता
कार्यशाला के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि बाल अधिकारों की सुरक्षा और बच्चों के सर्वोत्तम हितों को सुनिश्चित करने के लिए कानूनों की सही समझ और प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।
आयोजकों ने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण से पुलिस अधिकारियों की क्षमता में वृद्धि होगी और बच्चों से जुड़े मामलों में अधिक संवेदनशील एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
