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अपने अधिकारों को लेकर सजग रहें महिलाएं - डॉ. डेजी ठाकुर
 
डलहौज़ी हलचल (मंडी) : राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. डेजी ठाकुर ने महिलाओं से अपने अधिकारों को लेकर सजग रहने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि जरूरी है महिलाएं अन्याय के खिलाफ संघर्ष करें और अपने हक के लिए आवाज बुलंद करें। महिला आयोग इसमें उनकी हरसंभव सहायता करेगा । वे जिला परिषद, मंडी के सभागार में शुक्रवार को घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 पर आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बोल रही थीं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंडी जिला के संरक्षण व सुरक्षा अधिकारियों, निरीक्षकों तथा बाल विकास परियोजना विभाग के अधिकरियों ने भाग लिया ।

डॉ. डेजी ठाकुर ने बताया कि राज्य महिला आयोग द्वारा महिलाओं की सहायता के लिए संरक्षण व सुरक्षा अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो पीड़ित महिलाओं की शिकायतों का निराकरण करते हैं तथा गंभीर समस्याओं को उच्च स्तर तक पहुंचाने में उनकी सहायता करते हैं । नियुक्त अधिकारी महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी भी समय-समय पर प्रदान करते हैं । उन्होंने बताया कि कोरोना काल में भी महिलाओं की सहायता के लिए एक व्हट्सएप नम्बर जारी किया गया था, जो महिलाओं की शिकायतों का निवारण में बहुत कारगर रहा। 

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा महिला आयोग का गठन कर महिलाओं को एक ऐसा मंच प्रदान किया गया है जहां महिलाएं अपनी समस्याओं का निःशुल्क समाधान पाती हैं।

डॉ. डेजी ठाकुर ने कहा कि हमारे समाज में आज भी पीड़ित महिलाएं घर से बाहर नहीं निकलतीं तथा एफआईआर दर्ज कराने में भी संकोच करती हैं । महिला आयोग महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए काम कर रहा है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम अन्य जिलों में भी लगाए जाएंगे ताकि महिलाओं को जागरूक किया जा सके ।

इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्य मंजरी नेगी ने कहा कि सभी महिलाओं-पुरूषों को अपनी सोच में सकारात्मक बदलाव लाना होगा । महिलाओं को भी अपने पति व बुजुर्गों की समस्याओं को समझना आवश्यक है तभी हमारा घर-परिवार अच्छी तरह से चल सकता है । उन्होंने समय-समय पर महिलाओं की काउंसलिंग करने की जरूरत पर भी बल दिया ।

जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजनाएं अंजू बाल ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन के लिए महिला आयोग का आभार जताया।

राज्य महिला आयोग के अधिवक्ता अनुज वर्मा ने घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की । अधिवक्ता मुकुल शर्मा व देवेन्द्रा देवी ने भी  इस अवसर पर महिलाओं के कानूनी अधिकारों की जानकारी प्रदान की।