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ईरान युद्ध लाइव अपडेट: लेबनान समझौते के बाद तेहरान ने जलडमरूमध्य ‘खुला’ घोषित किया, लेकिन ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की ईरान पर नाकेबंदी जारी है

Manmahesh

तेहरान: ईरान और लेबनान के बीच हाल ही में घोषित युद्धविराम के बाद तेहरान ने खाड़ी के महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का ऐलान किया है। हालांकि, अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका की ईरान के खिलाफ नाकेबंदी अभी भी जारी है, और रणनीतिक दबाव कम नहीं किया जाएगा।

ईरान युद्ध के बढ़ते तनाव के बीच यह समझौता एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि इसके चलते जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही संभव हो सकेगी। तेहरान के अधिकारियों ने घोषणा की है कि वे ‘श्रेणी-एक’ जलमार्ग को व्यापार और सैन्य संचालन के लिए पुनः खोल देंगे। यह जलडमरूमध्य, जिसे हिंद महासागर से भूमध्य सागर तक जाने वाला एक रणनीतिक मार्ग माना जाता है, वैश्विक ऊर्जा परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

वहीं, लेबनान में राजनीतिक और सैन्य हलचल के बीच यह ब्रेक लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को कुछ हद तक कम करने की दिशा में कदम है, लेकिन क्षेत्रीय और वैश्विक तटस्थता अभी भी नहीं बनी है। ट्रंप ने हाल ही में एक बयान में कहा, “हम ईरान के खिलाफ हमारे प्रतिबंधों को पूरी तरह से लागू कर रहे हैं। जलडमरूमध्य खुलने का मतलब यह नहीं कि हमारी नाकेबंदी खत्म हो गई है।”

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का द्विपक्षीय समझौता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए तो लाभकारी हो सकता है, लेकिन अमेरिका और उसके सहयोगी देशों द्वारा ईरान पर दबाव अभी भी जारी रहेगा। अमेरिकी प्रतिबंध ईरान की आर्थिक गतिविधियों को सीमित करने के उद्देश्य से लगाए गए हैं, जिसमें तेल निर्यात और वित्तीय लेनदेन प्रमुख हैं।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “हमने जलडमरूमध्य खोलने का निर्णय क्षेत्रीय समुद्री यातायात की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के पालन के लिए किया है। हमारा उद्देश्य तनाव को कम करना और सभी पक्षों के लिए स्थिरता सुनिश्चित करना है।”

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संगठन भी क्षेत्र में शांति बहाली के लिए सक्रिय प्रयास कर रहे हैं। लेबनान में हाल की समझौते को एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आगे भी वार्ताओं और संघर्ष समाधान की उम्मीद बनी है।

हालांकि, क्षेत्रीय राजनैतिक परिदृश्य जटिल है, और विभिन्न शक्तियों की भिन्न-भिन्न हितों के साथ आगे चुनौतियाँ बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि यह समझौता केवल पहला कदम है, और इसे चलाना और मजबूत करना आगे की सबसे बड़ी चुनौती होगी।

निष्कर्षतः, तेहरान द्वारा जलडमरूमध्य खोलने और लेबनान से युद्धविराम की घोषणा से तनाव में कुछ कमी आई है, लेकिन ट्रंप की बयानबाजी दर्शाती है कि अमेरिका अभी भी ईरान पर अपनी नीतियों को सख्ती से लागू करना चाहता है। इसलिए क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए कई और प्रयासों और समन्वय की आवश्यकता होगी।