Hindi News » world-news » %e0%a4%af%e0%a5%82 %e0%a4%8f%e0%a4%b8 %e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%ae %e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f %e0%a4%a8%e0%a5%87 %e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b2

यू.एस. सुप्रीम कोर्ट ने कोलोराडो की LGBT ‘कन्वर्शन’ थेरेपी पर प्रतिबंध को ठुकराया

Manmahesh

वाशिंगटन। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कोलोराडो राज्य के उस कानून को खारिज कर दिया है जो LGBT समुदाय के लिए ‘कन्वर्शन’ थेरेपी या ‘बदलाव’ वार्ता पर प्रतिबंध लगाता था। इस फैसले ने देश में इस संवेदनशील विषय पर विवाद को फिर से उभारा है, जहां कुछ राज्यों ने इस प्रकार की थेरेपी को पूरी तरह से प्रतिबंधित या सीमित कर रखा है।

यह मुकदमा एक ईसाई थेरपिस्ट द्वारा दायर किया गया था, जिन्होंने अपने मुक्त अभिव्यक्ति के अधिकार के तहत इस प्रतिबंध को चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि यह कानून उनकी धार्मिक और व्यावसायिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है। सुप्रीम कोर्ट ने इस आधार पर कोलोराडो के कानून को असंवैधानिक घोषित कर दिया है, जिससे कानूनी रूप से इस तरह की थेरेपी पर रोक लगाना कठिन हो गया है।

हालांकि, संयुक्त राज्य अमेरिका में अभी भी 20 से अधिक राज्य ऐसी थेरेपी पर प्रतिबंध या सीमाएं लगाए हुए हैं, जिन्हें व्यापक मानवीय अधिकार समूह समर्थन देते हैं। इन समूहों का कहना है कि कन्वर्शन थेरेपी मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और यह LGBT व्यक्तियों के अधिकारों का उल्लंघन करती है।

कोलोराडो के इस कानून के समर्थकों का कहना था कि यह प्रतिबंध युवाओं को इस तरह की हानिकारक प्रथाओं से बचाने के लिए जरूरी है। चिकित्सा एवं सामाजिक विशेषज्ञ भी इस धारणा के पक्ष में हैं कि इस तरह की थेरेपी से मानसिक तनाव और अवसाद बढ़ सकता है।

इस फैसले के बाद, कई मानवाधिकार समूह एक असंतोष जाहिर कर रहे हैं और वे उम्मीद कर रहे हैं कि भविष्य में इस विषय पर और संवैधानिक बहस होगी। वहीं, अन्य चिन्तित हैं कि यह निर्णय उन लोगों के अधिकारों को बढ़ावा देगा जो अपनी यौन पहचान बदलने के लिए इस तरह की थेरेपी का सहारा लेना चाहते हैं।

यह मामला अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करने की कोशिशों का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। अब यह देखना बाकी है कि यह फैसला देश के विभिन्न राज्यों में इस तरह की नीतियों को कैसे प्रभावित करेगा।

Topics: lgbt World