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सीआईएसएफ डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल के अनुसार केवल 30% हवाई अड्डा सुरक्षा दृश्य होती है

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रभारियों में से एक, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ने हाल ही में हवाई अड्डों की सुरक्षा व्यवस्था पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि हवाई अड्डों पर कुल सुरक्षा व्यवस्था का केवल 30 प्रतिशत ही यात्रियों और आम जनता के सामने दिखाई देता है।

सीआईएसएफ डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ने यह बात एक मीडिया संवाद में कही, जिसमें उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट सुरक्षा में कई परतें होती हैं जिन्हें आमतौर पर न देखा जा सकता है। वे आगे कहते हैं कि यह प्रबल और गुप्त सुरक्षा तंत्र यात्रियों और विमान सेवाओं को सुरक्षित रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा, “जब आप हवाई अड्डे पर पहुंचते हैं, तो जो सुरक्षा गार्ड, कैमरे और जांच पड़ताल दिखती है, वह केवल सुरक्षा का एक छोटा हिस्सा है। इसके अलावा तकनीकी सिस्टम, असामान्य गतिविधि पर नजर रखने वाले विशेष एजेंट और गुप्त जांच भी जारी रहती हैं।”

एक विशेषज्ञ के अनुसार, यह एक रणनीतिक कदम है ताकि संभावित खतरे को रोकने के लिए न केवल सतह पर बल्कि गुप्त और सक्रिय स्तर पर भी सतर्कता बनी रहे। इसके बावजूद यात्रियों को अपनी सतर्कता बनाए रखने और सुरक्षा निर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन करने की आवश्यकता है।

वर्तमान समय में, बढ़ती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच हवाई अड्डों का सुरक्षित रहना अतिआवश्यक हो गया है। सीआईएसएफ ने बताया कि वे अपनी सुरक्षा प्रक्रियाओं को निरंतर बेहतर बनाने में लगे हुए हैं और नई तकनीकों एवं प्रशिक्षण विधियों को अपनाया जा रहा है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि हवाई अड्डा सुरक्षा केवल जांच और निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि सशस्त्र और असशस्त्र कर्मियों का संतुलित समन्वय, साइबर सुरक्षा, विमान से जुड़ी सभी प्रणालियों की सुरक्षा, और जोनल पैट्रोल सहित कई स्तरों की सुरक्षा व्यवस्था होती है। इसी वजह से केवल 30% सुरक्षा ही यात्रियों को दिखती है।

सीआईएसएफ के अधिकारियों ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे संदिग्ध वस्तुओं या गतिविधियों को तुरंत सुरक्षा कर्मियों को सूचित करें ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके। साथ ही, यात्रियों को नियमों का पालन करते हुए संयमित और अनुशासित रहना होगा।

इस बयान से स्पष्ट होता है कि हवाई अड्डों की सुरक्षा एक जटिल प्रणाली है जो केवल बाहरी सतह की बीटिंग से कहीं अधिक गहरी और व्यापक है। देश के नागरिकों के साथ-साथ विदेश यात्रियों को भी यह सुरक्षात्मक तंत्र सुरक्षा की भावना देने के लिए सशक्त है।

अंततः, यह जानना आवश्यक है कि सभी सुरक्षा प्रयासों के बावजूद, यात्रियों की जागरूकता और सहयोग से ही हर यात्रा सुरक्षित और सुगम बन सकती है। सीआईएसएफ के इस बयान से यह बात और मजबूत होती है कि सुरक्षा का बड़ा हिस्सा हमारे नजर से परे होते हुए भी सतत सक्रिय रहता है।

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