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लापरवाही पड़ रही भारी:शिमला जिला में दो माह में 42 सड़क हादसे, 19 लोगों की गई जान

Dalhousie Hulchul

डलहौज़ी हलचल (शिमला): जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसमें जिले में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति और सड़क सुरक्षा उपायों की समीक्षा की गई। बैठक में सामने आए आंकड़ों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

बैठक में जानकारी दी गई कि जनवरी और फरवरी 2026 के दौरान जिले में कुल 42 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 19 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 11 लोग स्वयं वाहन चला रहे थे। उपायुक्त ने इन आंकड़ों को गंभीर बताते हुए वाहन चालकों से सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की।

उपायुक्त ने कहा कि अधिकतर दुर्घटनाएं ओवरस्पीड, शराब के नशे में वाहन चलाने और लापरवाही से ओवरटेकिंग जैसी मानवीय गलतियों के कारण होती हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही न केवल चालक बल्कि अन्य लोगों के जीवन को भी खतरे में डालती है, इसलिए वाहन चलाते समय सावधानी बरतना अत्यंत आवश्यक है।

बैठक में बताया गया कि जनवरी 2026 में जिले में सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया गया था और वर्ष 2026 सहित पिछले तीन वर्षों के सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में वर्ष 2024 की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई, जबकि अधिकांश दुर्घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में सामने आई हैं।

सड़क सुरक्षा में आपदा मित्रों की भी ली जाएगी मदद

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा के कार्यों में आपदा मित्रों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि आपदा मित्रों के मोबाइल नंबर और पते पुलिस तथा परिवहन विभाग के साथ साझा किए जाएं, ताकि सड़क दुर्घटना के समय उनकी त्वरित सहायता ली जा सके।

ब्लैक स्पॉट पर होंगे सुधारात्मक उपाय

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विश्व देव मोहन चौहान ने बताया कि जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए गठित एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक समिति है। यह समिति दुर्घटना संभावित स्थानों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान कर वहां स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेत, सड़क मरम्मत और ट्रैफिक प्रबंधन जैसे सुधारात्मक उपाय सुनिश्चित करती है।

उन्होंने बताया कि समिति द्वारा स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं, जिनके माध्यम से लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, नशे में वाहन न चलाने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाता है।

बैठक में एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) पंकज शर्मा, डीएसपी ट्रैफिक चंद्रशेखर सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।