Hindi News » breaking-news » hp shiva project giving

राज्य में बागवानी को नई दिशा दे रही एचपी शिवा परियोजना : जगत सिंह नेगी

Dalhousie Hulchul

डलहौज़ी हलचल (मंडी), 13 मार्च। राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने वीरवार देर सायं सरकाघाट उपमंडल के भांबला और बही-1 में स्थापित एचपी शिवा क्लस्टरों का दौरा कर परियोजना के तहत चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सिंचाई टैंक, मोटर और ड्रिप सिंचाई प्रणाली का अवलोकन करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कहा कि एचपी शिवा परियोजना प्रदेश में बागवानी क्षेत्र को नई दिशा देने के साथ किसानों और बागवानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि भांबला क्लस्टर में 17 मार्च से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो जाएगा, जिससे पौधों के बेहतर रखरखाव में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि पौधों की देखभाल और सुरक्षा बागवानों की जिम्मेदारी है, जबकि सरकार की ओर से उन्हें हर संभव तकनीकी सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने बागवानों से आह्वान किया कि वे इस महत्वाकांक्षी परियोजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

भांबला में बागवानों के साथ बातचीत करते हुए मंत्री ने बताया कि यदि किसान चाहें तो तीन हेक्टेयर भूमि में भी एचपी शिवा क्लस्टर स्थापित किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए सिंचाई की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत बागवानी विभाग द्वारा अधिकांश कार्य नि:शुल्क करवाए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार भांबला एचपी शिवा क्लस्टर लगभग 12.7 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी स्थापना फरवरी माह में की गई है। इस क्लस्टर से 67 परिवार जुड़े हुए हैं। यहां मौसंबी प्रजाति के पेरा के 1888, वैलेंसिया के 2222, ब्लड रेड के 5000 और मौसंबी के 2000 पौधों सहित कुल 11,110 पौधे लगाए जा चुके हैं, जबकि 2543 पौधे और लगाए जाने बाकी हैं।

वहीं बही-1 क्लस्टर लगभग 9.3 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें 30 किसान जुड़े हुए हैं। इस क्लस्टर में अमरूद के 8365 पौधे लगाए गए हैं।

राजस्व विभाग में लागू किए जा रहे सुधार

इस अवसर पर मंत्री ने बताया कि राजस्व विभाग में कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए जा रहे हैं। अब कई प्रमाणपत्र घर बैठे ऑनलाइन प्राप्त किए जा सकेंगे और जल्द ही जमाबंदी तथा ततीमा की ऑनलाइन उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे के लिए समयसीमा तय की गई है। निशानदेही के मामलों के लिए छह माह का समय निर्धारित किया गया है, जिसे आवश्यक कारणों के आधार पर तीन माह तक बढ़ाया जा सकता है। यदि नौ माह के भीतर निशानदेही नहीं होती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

इसी प्रकार तकसीम के मामलों के निपटारे के लिए नौ माह की समयसीमा तय की गई है, जिसे जरूरत पड़ने पर तीन माह तक बढ़ाया जा सकता है। हालांकि एक वर्ष के भीतर तकसीम का निपटारा करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इंतकाल की प्रक्रिया भी ऑनलाइन की जाएगी, जिससे लोगों को तहसीलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

वन अधिकार अधिनियम की दी जानकारी

मंत्री ने उपस्थित लोगों को वन अधिकार अधिनियम, 2006 के विभिन्न प्रावधानों की भी जानकारी दी।

इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव पवन ठाकुर, एसडीएम सरकाघाट राजेश गौतम, एचपी शिवा परियोजना के परियोजना निदेशक देवेंद्र ठाकुर, संयुक्त निदेशक विद्या प्रकाश बैंस, उपनिदेशक संजय गुप्ता, डीएसपी संजीव गौतम सहित अन्य अधिकारी और बागवान उपस्थित रहे।