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सिर्फ 30% हवाई अड्डा सुरक्षा दिखाई देती है, कहते हैं सीआईएसएफ उप निरीक्षक जनरल

नई दिल्ली। हवाई अड्डों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाल ही में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के उप निरीक्षक जनरल ने महत्वपूर्ण खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डों पर मौजूद कुल सुरक्षा व्यवस्था का मात्र 30 प्रतिशत ही यात्रियों को दिखाई देता है, जबकि बाकी 70 प्रतिशत सुरक्षा उपाय परदे के पीछे रहकर सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं।

सीआईएसएफ उप निरीक्षक जनरल के अनुसार, हवाई अड्डा सुरक्षा का अधिकांश हिस्सा गुप्त तकनीकी उपकरणों, निगरानी प्रणाली और साइबर सुरक्षा के माध्यम से किया जाता है, जो यात्रियों की आँखों से ओझल रहता है। इससे न केवल संभावित खतरों का पूर्वानुमान लगाने में मदद मिलती है, बल्कि समय पर कार्रवाई करके सुरक्षा खतरे को टाला जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सामने दिखने वाली सुरक्षा टीम जैसे सुरक्षा गार्ड, जांच प्वाइंट और बैरियर सुरक्षा का एक नाममात्र हिस्सा ही हैं। उनका कार्य यात्रियों को सुरक्षित महसूस कराना और सामान्य सुरक्षा उपाय करना होता है। वहीं, अधिकतर सुरक्षा के काम तकनीकी निगरानी, एक्स-रे मशीनों के माध्यम से सामान की जांच, और पैटर्न-रहित लोगों की निगरानी के जरिए पूरा किया जाता है।

सीआईएसएफ के अधिकारी ने यह भी बताया कि हवाई अड्डों की सुरक्षा प्रक्रिया लगातार विकसित हो रही है, विशेषकर आतंकवाद, साइबर हमलों और व्यापक सुरक्षा खतरों को देखते हुए। उन्होंने कहा कि ऐसे खतरे सामने आने पर जो गुप्त व्यवस्थाएं बनाई जाती हैं, वे यात्रियों के लिए नजरअंदाज रहना आवश्यक होता है, ताकि सुरक्षा उपाय प्रभावी तरीके से काम कर सकें।

साथ ही, उन्होंने सुझाव दिया कि यात्रियों को भी सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए और कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखे तो तुरंत अधिकारियों को सूचित करें। यह साझा जिम्मेदारी है की सभी मिलकर हवाई अड्डे को सुरक्षित बनाए रखें।

विश्लेषकों के मुताबिक, इस खुलासे से यह स्पष्ट होता है कि हवाई अड्डा सुरक्षा केवल बंदूकधारी गार्डों या कैमरों तक सीमित नहीं है, बल्कि एक व्यापक नेटवर्क और तकनीकी संयोजन का हिस्सा है, जो अधिकतर यात्रियों को दिखाई नहीं देता। इसलिए यात्रियों को विस्तृत सुरक्षा प्रक्रियाओं पर भरोसा रखना चाहिए और संयम बनाए रखना चाहिए।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने हाल ही में विभिन्न हवाई अड्डों पर अपनी दक्षता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त तकनीकी संसाधन और प्रशिक्षण भी बढ़ाया है। इसका लाभ यात्रियों को बेहतर और निष्पक्ष सुरक्षा प्रदान करने में होगा।

अंततः यह समझना जरूरी है कि हवाई अड्डा सुरक्षा को लेकर हमें सतर्क और जागरूक रहना होगा, ताकि कोई भी सुरक्षा चूक न होने पाए। सीआईएसएफ के उप निरीक्षक जनरल के मुताबिक, जो सुरक्षा措施 दिखती हैं, वे केवल सुरक्षा की संपूर्ण व्यवस्था का एक छोटा हिस्सा हैं।

इस खुलासे ने देश के हवाई सुरक्षा ढांचे की व्यापकता और गुप्तता को उजागर किया है, जिससे यात्रियों के मन में सुरक्षा पर विश्वास और बढ़ेगा। भविष्य में हवाई अड्डों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई तकनीकों और रणनीतियों का विकास तेजी से जारी रहेगा।

Topics: Hyderabad