नई दिल्ली: नासा के एस्ट्रोनॉट्स बुच विलमोर और सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) पिछले 78 दिनों से अंतरिक्ष में फंसे हुए हैं, और इसका मुख्य कारण बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान में आई तकनीकी समस्याएं हैं। इस यान में लीक की समस्याएं और सुरक्षित रि-एंट्री के लिए आवश्यक विश्वसनीयता की कमी सामने आई है।
ISRO का जवाब: अंतरिक्ष बचाव के लिए कोई योजना नहीं
हाल ही में एक पॉडकास्ट ‘BeerBiceps’ के दौरान, ISRO के चेयरमैन एस सोमनाथ से पूछा गया कि क्या ISRO इन एस्ट्रोनॉट्स को बचाने के लिए कोई कदम उठा सकता है। इस पर उन्होंने कहा, “हमारे पास फिलहाल ऐसा कोई अंतरिक्ष यान नहीं है जो इस मिशन को अंजाम दे सके। रूस के सोयूज और अमेरिका के क्रू ड्रैगन यान ही इन्हें वापस ला सकते हैं।”
बोइंग स्टारलाइनर की समस्याएं और भविष्य की योजना
सोमनाथ ने बताया कि बोइंग स्टारलाइनर में आई समस्याओं के कारण अंतरिक्ष यान को वापस लाना संभव नहीं हो पा रहा है। बोइंग सैकड़ों परीक्षण कर रहा है ताकि यह साबित हो सके कि यान सुरक्षित है, लेकिन अभी तक परिणाम सकारात्मक नहीं आ रहे हैं। संभवतः एस्ट्रोनॉट्स को क्रू ड्रैगन के माध्यम से वापस लाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए सावधानीपूर्वक योजना और शेड्यूलिंग की आवश्यकता है।
मिशन की देरी और आगे का रास्ता
नासा का यह मिशन 5 जून को फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से लॉन्च हुआ था और इसे एक सप्ताह के लिए निर्धारित किया गया था। हालांकि, लॉन्च के दौरान आई लीक की समस्याओं के कारण इसकी वापसी में देरी हो गई। स्टारलाइनर की ग्राउंड टीमें लगातार मूल्यांकन कर रही हैं, और 24 अगस्त को यह निर्णय लिया जा सकता है कि एस्ट्रोनॉट्स को वापस लाया जाए या नहीं।









