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राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता प्रधानाचार्य का जिला से बाहर स्थानांतरण दुखद
 
डलहौज़ी हलचल (चुवाड़ी) भूषण गुरंग  : उपमंडल भटियात में दर्जनों स्कूलों में प्रधानाचार्यों के पद खाली होने के बावजूद रावमापा घटासनी में सेवाएं दे रहे प्रधानाचार्य जगजीत आजाद को जिला से बाहर स्थानांतरित करना क्षेत्र के लोगों के गले नहीं उतर रहा। शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने के लिए विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी आयोजनों में राज्य स्तर पर, राष्ट्रीय स्तर पर और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत होने वाले प्रधानाचार्य जगजीत आजाद का तबादला जिला शिमला में किया गया है जो कि क्षेत्र के बच्चों के साथ अन्याय है। क्षेत्र के अभिभावकों के साथ साथ कई समाजसेवी संगठनों ने और पंचायत प्रतिनिधियों ने‌ सोशल मीडिया के माध्यम से इस तबादले का विरोध किया है।

पूर्व जिला परिषद सदस्य सुभाष साहिल ने बताया कि चुने हुए प्रतिनिधियों को जिला चम्बा पर लगा हुआ पिछड़ेपन का तमगा हटाने के लिए पाठशालाओं में रिक्त पड़े पदों को भरने का प्रयास करना चाहिए लेकिन इसके विपरीत जिला चम्बा में बेहतर कार्य कर रहे शिक्षकों को दूसरे जिलों में भेजकर वर्तमान जन प्रतिनिधि क्षेत्र की जनता और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। प्रधानाचार्य जगजीत आजाद ने जिस जिस पाठशाला में अपनी सेवाएं दी हैं वहां पर अपने कार्य के प्रति समर्पण, अनुशासन और शिक्षा में नवाचार से अभिभावकों के जहन में एक अमिट छाप छोड़ कर आए हैं। बैली, बलेरा, होबार और घटासनी के सैंकड़ों अभिभावक इस स्थानांतरण को रद्द करने के लिए जल्द ही शिक्षा मंत्री और  मुख्यमंत्री से मिलेंगे। पूर्व जिला परिषद सदस्य ने एक पत्र लिखकर माननीय मुख्य मंत्री श्री जय राम ठाकुर जी से इस तबादले को रद्द करने की मांग की है।

प्रधानाचार्य जगजीत आजाद को मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरयार निशंक द्वारा शिक्षा में नवाचार के लिए सम्मानित करने के साथ साथ शिक्षा को बेहतर और आसान‌ बनाने के लिए सृष्टि परिवार संस्था द्वारा भी सम्मानित किया गया है। एजुकेशन आइकन अवार्ड 2019, अन्तर्राष्ट्रीय समरसता मंच द्वारा शिक्षक श्री पुरस्कार 2018, एजुकेशन अवार्ड जियूरी दिल्ली की और से इंटरनैशनल परिन्सिपल ऑफ द ईयर, सेन्ट सोल्जर ग्रुप ऑफ इन्स्टीट्यूट जालन्धर की ओर से ऐक्सलैंस अवार्ड व अन्य कई पुरस्कारों से नवाजा गया है।