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बिलासपुर में शहीद स्मारक के उद्धघाटन को लेकर तैयार की गई योजना
 एक ईंट शहीद के नाम अभियान के तहत चंडीगढ़ में हुई बैठक
 
डलहौज़ी हलचल (बिलासपुर) : एक ईंट शहीद के नाम अभियान को लेकर आज चंडीगढ़ में संयोजक संजीव राणा की अध्यक्षता में एक बैठक हुई, जिसमें बिलासपुर में बन रहे शहीद स्मारक के उद्धघाटन को लेकर योजना तैयार की गई। शहीद स्मराक का 90 प्रतिशत का काम पूरा कर लिया गया है और बाकी बचा काम अगले महीने तक पूरा करने की तैयारी की जा रही है, जिसके बाद ही स्मारक का उद्धघाटन कर दिया जायेगा।

इस मौके पर हरियाणा रेड क्रॉस सोसाइटी की वाइस चेयरपर्सन सुषमा गुप्ता और हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष पारिषा शर्मा भी उपस्थित थी, जिन्होंने एक ईंट शहीद के नाम अभियान से जुड़ने का फैसला लिया। इस दौरान अभियान की महासचिव अनु ने हिमाचली कैप पहनकर उनका अभियान में स्वागत किया। संजीव राणा ने कहा कि सुषमा गुप्ता और पारिषा शर्मा जी के अभियान के साथ जुड़ने से इसमें एक नया जोश आएगा। उन्होंने कहा कि बिलासपुर शहीद स्मारक भक्ति और शक्ति का प्रतीक बन चूका है, क्योंकि इसमें लाखों लोगों ने अपना योगदान दिया है। यह सिर्फ एक स्मारक ही नहीं, बल्कि इसके प्रति लोगों की एक मंदिर की तरह आस्था बन गई है। इस बैठक में हरियाणा रेड क्रॉस सोसाइटी के महासचिव डीआर शर्मा और सुखविंदर सिंह, कोषाध्यक्ष लखबीर सिंह, संजीव लखनपाल और परमजीत उपस्थित थे।

गौरतलब है कि एक ईंट अभियान के अंतर्गत बिना सरकार की आर्थिक मदद के लोगों के सहयोग से ही शहीदी स्मारकों का निर्माण भी करवाया जा रहा है। शहीद स्मारक सिर्फ स्मारक तक ही नहीं बल्कि नौजवानों के लिए प्रेरणा का केंद्र भी बन रहे हैं, क्योंकि वहां स्मारक के साथ-साथ नौजवानों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए भी केंद्र बनाए जा रहे हैं। हरियाणा में दो स्मारकों का निर्माण करवाया गया जहां एक स्मारक में अखाड़ा व दूसरे स्मारक में पार्क बनाया गया। इसी तरह हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में ये भव्य शहीदी स्मारक बनाया जा रहा है, जिसके लिए भारत के राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद, मुख्य मंत्री हिमाचल प्रदेश श्री जय राम ठाकुर ने भी अपनी ओर से एक ईंट भेंट की थी। इस अभियान की विशेषता यह है कि इसके निर्माण के लिए किसी से भी सीधे रुप में पैसा नहीं लिया जा रहा और न ही पर्ची काटी जा रही है, बल्कि जो इसमें योगदान देना चाहता है वह जरुरत के मुताबिक सीधे तौर पर मटीरियल दे सकता है या अपनी सुविधा के हिसाब से लेबर को अपने हाथ से दिहाड़ी दे सकता है।