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पेंशनभोगियों की संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने की बड़ी घोषणा
 
 

डलहौज़ी हलचल (शिमला) : पेंशनभोगियों को जो पेंशन भत्ता वर्तमान में 65 वर्ष, 70 वर्ष और 75 वर्ष के उपरान्त दिया जाता है वह अब संशोधित पेंशन पर दिया जाएगा। इससेे पेंशनभोगियों को वार्षिक 130 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने यह बात आज यहां राज्य के पेंशनभोगियों की संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने 2016 से पहले के पेंशनभोगियों की पेंशन/पारिवारिक पेंशन को 1 जनवरी, 2016 से नोशनल संशोधित वेतन मैट्रिक्स के 50 प्रतिशत और 30 प्रतिशत की दर पर संशोधित करने की घोषणा की। इस संबंध में वित्त विभाग शीघ्र ही आदेश जारी करेगा।

उन्होंने घोषणा की कि पेंशनभोगियों को शीघ्र पहचान पत्र जारी करने और चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के भुगतान के लिए 25 करोड़ रुपये तत्काल जारी करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में 2,40,640 कर्मचारी और 1,90,000 पेंशनभोगी हैं और उनका पूरा भुगतान समय पर किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पेंशनभोगियों की पेंशन, पारिवारिक पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों को प्रथम जनवरी, 2016 से संशोधित किया गया है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम पेंशन और पारिवारिक पेंशन प्रथम जनवरी, 2016 से 3500 रुपये से बढ़ाकर 9000 रुपये प्रति माह की गई है। उन्होंने कहा कि ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को वर्तमान 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है और आठ प्रतिशत और चार प्रतिशत की दर से अंतरिम राहत प्रथम जनवरी, 2016 और प्रथम जुलाई, 2018 से प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता समय-समय पर बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि वेतनमान में संशोधन के बाद प्रथम जनवरी, 2016 से पेंशनभोगियों की महंगाई राहत को प्रथम जुलाई, 2021 से 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 31 प्रतिशत कर दिया गया है।

हिमाचल कर्मचारी एवं पेंशनभोगी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष घनश्याम शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और राज्य के पेंशनभोगियों के विभिन्न मुद्दों पर विचार करने के लिए संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक आयोजित करने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बावजूद कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की अदायगियां समय पर प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि इसका श्रेय मुख्यमंत्री और उनके अधिकारियों के प्रभावी प्रबंधन को जाता है।

अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

वित्त सचिव डॉ. अक्षय सूद ने राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को प्रदान किए जा रहे विभिन्न लाभों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी।

मुख्य सचिव आर.डी धीमान, प्रधान सचिव एवं सचिव भी इस अवसर पर उपस्थित थे।