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एसटी में शामिल कर मोदी सरकार ने दिया हाटी समुदाय को तोहफा,मुख्यमंत्री ने जताया आभार
एसटी में शामिल कर मोदी सरकार ने दिया हाटी समुदाय को तोहफा,मुख्यमंत्री ने जताया आभार
 
 डलहौज़ी हलचल (नाहन) विजय आजाद  : हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के ट्रांस-गिरी क्षेत्र में रहने वाले हाटी समुदाय को एसटी में शामिल कर लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है। यह विधेयक हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के ट्रांस-गिरी क्षेत्र में रहने वाले हाटी समुदाय को आदिवासी का दर्जा देने की पैरवी करता है। इस ऐतिहासिक निर्णय से सिरमौर जिले की 1।60 लाख से अधिक की आबादी लाभान्वित होगी। सिरमौर के चार विधानसभा क्षेत्र रेणुका, शिलाई, पच्छाद और पांवटा के बड़े भू-भाग पर रहने वाले लोगों को यह दर्जा मिलेगा। रेणुका और शिलाई इसमें पूरी तरह से कवर होंगे। पच्छाद और पांवटा की आबादी के एक बड़े हिस्से को भी जनजातीय दर्जा मिलेगा। 

हिमाचल के गिरिपार क्षेत्र के हाटी समुदाय और उत्तराखंड के जौनसार बावर के जौनसारी समुदाय में सामाजिक, सांस्कृतिक के साथ ही भौगोलिक समानता भी है। जौनसार बावर क्षेत्र को 1968 में ही जनजाति का दर्जा मिल चुका है। जबकि गिरीपार क्षेत्र को जनजाति क्षेत्र और भाटी समुदाय को जनजाति समुदाय घोषित करने की मांग तबसे चल रही है। जो लोग हिमाचल में रहे, उन्हें समान दर्जा या लाभ नहीं दिया गया।

अब टोपोग्राफी से जुड़ी दिक्कतों की वजह से कामरौ, संगरा और शिलिया क्षेत्रों में रह रहे इस समुदाय के लोग पढ़ाई और रोजगार की दिक्कतों का सामना करते रहते हैं। जिस तरह हरियाणा में खाप होती है, वैसे ही हाटी समुदाय में खुंबली नाम की पारंपरिक परिषद होती है, जो इससे जुड़े मामलों को देखती है। अभी सिरमौर जिले में काफी हाटी समुदाय के लोग रहते हैं।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ट्रांसगिरि क्षेत्र में रह रहे हाटी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया है। सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार ने ट्रांसगिरि क्षेत्र के लोगों को पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के लोगों के समान अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की चिरलंबित मांग को पूरा किया है। इन क्षेत्रों की संस्कृति और भौगोलिक स्थिति एक-दूसरे से मिलती-जुलती है। सीएम ने बुधवार को कहा कि यह निर्णय क्षेत्र के लोगों की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं के संवर्द्धन और क्षेत्र के विकास को गति देने में सहायक होगा। वर्तमान सरकार ने सत्ता में आने के बाद केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष इस मामले को प्रभावी ढंग से रखा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य केंद्रीय नेतृत्व ने हाटी समुदाय के इस भावनात्मक मुद्दे में विशेष रुचि जताई थी। कहा कि सरकार प्रदेश की जनता की उचित मांगों को पूर्ण करने के लिए सदैव तत्पर है। इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावशाली तरीके से रखा गया था, जिसके सार्थक परिणाम आज सामने आए हैं। सीएम जयराम ने कहा कि सिरमौर वालों ने मुझे मामा कहा है, इसलिए हमने भांजों का विशेष ध्यान रखा है।

बता दें कि हाटी समुदाय सिरमौर जिले के चार विधानसभा क्षेत्र में रहता है, जिसमें शिलाई, पावटा साहिब, रेणुका और पच्छाद शामिल है। अब इस फैसले से ट्रांस गिरी क्षेत्र की 154 पंचायतों की करीब तीन लाख जनसंख्या लाभान्वित होगी। अब इन चार सीटों पर बीजेपी को खास फायदा मिलने की उम्मीद है और ये फैसला चुनाव परिणाम में अहम भूमिका निभा सकता है। इन सीटों के अलावा कई जिलों में ये अहम भूमिका है और माना जाता है कि इन जरिए 9 सीटों पर लक्ष्य साधा जा सकता है। दरअसल, अब उनकी करीब 50 साल पुरानी मांग पूरी हुई है।