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माँ का दूध शिशु के लिए सर्वोतम आहार: डॉ. अरिंदम रॉय
 
डलहौज़ी हलचल (मंडी ) : मातृ एवं शिशु अस्पताल मंडी में विश्व स्तनपान जागरूकता सप्ताह का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरिंदम रॉय ने की।

     इस अवसर पर उन्होंने बताया की स्तनपान सप्ताह मनाने का उदेश्य लोगों को स्तनपान के महत्व के बारे में जागरूक करना है ताकि शिशु और माँ के स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सके । उन्होंने बताया की विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार प्रत्येक नवजात शिशु को अच्छे पोषण का अधिकार है ।  एक रिपोर्ट के अनुसार 41 मिलियन बच्चे मोटापे का शिकार हैं । बच्चों को स्वस्थ व कुपोषण से बचाने के लिए लोगों को सही स्तनपान के महत्व को बताने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि शिशु के जन्म के पहले घंटे के अंदर पहला पिला गाड़ा दूध शुरू कर देना चाहिए और 6 महीने तक सिर्फ माँ का दूध ही पिलाना चाहिए। उन्होंने बताया कि  माँ के दूध में सभी प्रकार के लगभग 400 पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाते है। उन्होंने बताया कि स्तनपान कराने से बच्चों में निमोनिया, डायरिया, एलर्जी, एग्जिमा रोगों से बचाव होता है और भविष्य में उच्च रक्त चाप हृदय रोग, शुगर तथा दमा होने की सम्भावना भी कम रहती है।

     बाल रोग विशेषज्ञ डॉ0 वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि स्तनपान कराने से सिर्फ शिशु को ही नहीं अपितु माँ को भी बहुत लाभ होते हैं, जैसे प्रसव के तुरंत बाद गर्भाशय सिकुड़ने से आवल नाल निकलने में आसानी होती है और रक्तस्त्राव कम होने के साथ ही महिलाओं में स्तन व ओवरी कैंसर की आशंका भी कम होती है ।

     स्वास्थ्य शिक्षक सोहन लाल ने बताया की शिशुओं को  छः माह से पहले कुछ भी नहीं दिया जाना चाहिए, जैसे शहद घुट्टी, बोतल का दूध व पानी इत्यादि ।  इससे बच्चों को माँ का दूध पूरा नही मिलता और न ही उर्जा, साथ ही शिशु का पेट छोटा होने के कारण अतिरिक्त तरल पदार्थ देने से पेट भर जाता है । उन्होंने बताया कि जिला मंडी में आशा कार्यकर्ता माँ को स्तनपान के महत्व के बारे में जागरूक करने