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हमें योग को एक अतिरिक्त काम के तौर पर नहीं लेना बल्कि योग को जीना है : मनोज
हमें योग को एक अतिरिक्त काम के तौर पर नहीं लेना बल्कि योग को जीना है : मनोज
 
डलहौज़ी हलचल (चंबा) : हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है. इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आठवां साल है. भारत के साथ-साथ योग की ताकत को अब पूरी दुनिया मान रही है. शरीर को हेल्दी रखने के लिए योग करने की सलाह दी जाती है. योग से शरीर के साथ-साथ आपका मानसिक स्वास्थ्य भी सही रहेता है । भारत में योग का इतिहास पुराना है. लेकिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का इतिहास ज्यादा पुराना नहीं है. साल 2014 में पीएम नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इसकी पहल की थी. 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस प्रस्ताव को पूर्ण बहुमत से पारित किया था. 193 सदस्य देशों में से 177 सदस्यों ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने के प्रस्ताव को ध्वनिमत से मंजूरी दी थी ।

आज भी जहां हर जगह इसे मनाया गया वहीं जिला चम्बा की ग्राम पंचायत सराहन में भी योग दिवस को मनाया गया ।

इस मौके पर बतौर मुख्यतिथि जिला परिषद सदस्य करियां वार्ड मनोज कुमार मनु मौजूद रहे । आयुष विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में आयुष विभाग से आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट दलीप जरयाल प्राथमिक पाठशाला सराहन के इंचार्ज नीलम धवन, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रीतू देवी के आलावा काफी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे । इस मौके पर फार्मासिस्ट दलीप जरयाल ने लोगों को योग के बारे भी बिस्तारपूर्वक जानकारी दी तथा योगासन भी कार्यवाये गये ।

वहीं जिला परिषद मनोज कुमार मनु ने कहा कि हमें योग को एक अतिरिक्त काम के तौर पर नहीं लेना है. हमें योग को जानना भी है, जीना भी है, अपनाना भी है, पनपाना भी है. जब हम योग को जीने लगेंगे तब योग दिवस हमारे लिए योग करने का नहीं बल्कि अपने स्वास्थ्य, सुख, और शांति का जश्न मनाने का माध्यम बन जाएगा ।