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योग भारतीय पुरातन संस्कृति की मानवता के लिए अमूल्य देन –विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. हंसराज
योग भारतीय पुरातन संस्कृति की मानवता के लिए  अमूल्य देन –विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. हंसराज
 

डलहौज़ी हलचल (तीसा) : विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ हंसराज ने कहा कि योग भारतीय पुरातन संस्कृति की मानवता के लिए  अमूल्य देन है । योगाभ्यास  शारीरिक और मानसिक तौर पर सशक्त बनाने के साथ  मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य को भी बढ़ाता है। डॉ. हंसराज आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तीसा में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए बोल रहे थे । डॉ. हंसराज ने कहा कि विश्व भर में कोविड-19 महामारी के विपरीत परिणाम से लोगों में शारीरिक स्वास्थ्य की हुई क्षति से कहीं ज्यादा मनोवैज्ञानिक और मानसिक समस्याएं भी उत्पन्न हुई है । वर्तमान में पोस्ट कोविड  समस्याएं संपूर्ण विश्व भर में मानवता के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी हैं ।

योग हंसराज

चिंता, तनाव और अवसाद के बढ़ रहे मामलों के दृष्टिगत इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का थीम विषय मानवता के लिए योग रखा गया है।  विधानसभा उपाध्यक्ष ने यह भी कहा कि योगाभ्यास शारीरिक और मानसिक तौर पर सशक्त बनाने के साथ  मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य को भी बढ़ाता है। यह मानवीय रिश्तो के बीच में संतुलन बनाने में भी सहायक सिद्ध हुआ है । योगाभ्यास  की अहमियतता  को लेकर जन समुदाय से  उन्होंने योगाभ्यास को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाए जाने का आह्वान भी किया ।

योग हंसराज

डॉ हंसराज ने कहा कि चूंकि प्रदेश के सभी लोगों को प्रकृति  का बहुमूल्य सानिध्य प्राप्त करने का सौभाग्य प्राप्त है ।  ऐसे में सभी लोगों को  योगाभ्यास को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाना चाहिए । ताकि  शारीरिक और मानसिक तौर पर अपने आप को सशक्त बनाए रखा जा सके । इस दौरान आयुष विभाग के योग विशेषज्ञों की देखरेख में योगाभ्यास के सत्र  आयोजित किए गए । इस अवसर पर एसडीएम चुराह गिरीश सामरा सहित गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया।