आपात स्थिति से निपटने के लिए हिमाचल सरकार का बड़ा कदम! CM सुखू ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किए 46 नए फायर व्हीकल, जानिए किस जिले को मिले कितने वाहन
डलहौज़ी हलचल | शिमला
प्रदेश में किसी भी आपदा या आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने और आम जनता की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने अग्निशमन विभाग के सुदृढ़ीकरण की ओर बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज राजधानी शिमला से प्रदेश के विभिन्न जिलों की अग्निशमन इकाइयों के लिए 46 नए त्वरित प्रतिक्रिया वाहनों (Quick Response Vehicles) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
किस जिले को मिले कितने अग्निशमन वाहन? (देखें पूरी सूची)
प्रदेशभर के जिलों में आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने के लिए इन 46 वाहनों का आवंटन इस प्रकार किया गया है:
-
शिमला: 9 वाहन
-
कांगड़ा: 8 वाहन
-
मंडी व सोलन: 5-5 वाहन
-
हमीरपुर, ऊना, चम्बा तथा लाहौल-स्पीति: 3-3 वाहन
-
सिरमौर, बिलासपुर व कुल्लू: 2-2 वाहन
-
किन्नौर: 1 वाहन
मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके अलावा 37 और नए अग्निशमन वाहनों की खरीद प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जिन्हें जल्द ही विभाग में शामिल किया जाएगा।

65.33 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत, आधुनिक तकनीक से लैस होगा विभाग
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण (Modernization) के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए 65.33 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट स्वीकृत किया गया है।
उन्होंने बताया कि:
-
वर्ष 2024-25 में खरीदारी: 9.60 करोड़ रुपये की लागत से 22 नए अग्निशमन वाहन खरीदकर संबंधित चौकियों को सौंपे गए थे।
-
वाटर टेंडर खरीद: नए एवं स्तरोन्नत केंद्रों के लिए 3.85 करोड़ रुपये की लागत से 8 नए वाटर टेंडर खरीदे जा रहे हैं।
-
भर्ती प्रक्रिया: विभाग को सुचारू रूप से चलाने के लिए विभिन्न श्रेणियों के 754 स्वीकृत पदों को भर दिया गया है।
आधारभूत ढांचा मजबूत: नए भवनों और चौकियों का निर्माण जारी
अग्निशमन विभाग के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए प्रदेशभर में नए भवनों का निर्माण किया जा रहा है:
-
बिझड़ी (हमीरपुर): 4.85 करोड़ रुपये की लागत से अग्निशमन चौकी भवन का निर्माण पूरा।
-
नादौन व इंदौरा: उप-अग्निशमन केंद्रों के भवनों पर 3.5-3.5 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
-
कंडाघाट: उप-अग्निशमन केंद्र निर्माण हेतु 3 करोड़ रुपये स्वीकृत।
-
अपग्रेडेशन व नई चौकियां: ऊना के टाहलीवाल को उप-अग्निशमन केंद्र के रूप में स्तरोन्नत किया गया है, जबकि कांगड़ा के चंगर क्षेत्र में नई अग्निशमन चौकी स्थापित की गई है।
आपदा प्रबंधन में जन-धन की हानि को न्यूनतम करना प्राथमिकता
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि आधुनिक वाहन, अत्याधुनिक उपकरण, प्रशिक्षित मानव संसाधन और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर पर एक साथ काम किया जा रहा है ताकि आगजनी या किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया देकर जन-धन के नुकसान को कम से कम किया जा सके।
इस गरिमामयी कार्यक्रम में शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.डी. नजीम, डीजी (होमगार्ड) सतवंत अटवाल, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह और अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
