पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया पंचतत्व में विलीन, सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
डलहौज़ी हलचल, कांगड़ा। पूर्व मंत्री एवं पांच बार विधायक रहे मेजर विजय सिंह मनकोटिया बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके पैतृक गांव तियारा स्थित श्मशानघाट में हिंदू धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सेना की विशेष सशस्त्र टुकड़ी ने उन्हें सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। मेजर मनकोटिया के बेटे सूर्यवीर ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी।
87 वर्षीय मेजर विजय सिंह मनकोटिया का मंगलवार को तियारा स्थित उनके आवास ओम महल में हृदयाघात से आकस्मिक निधन हो गया था। विदेश में रह रहे उनके बच्चों के भारत पहुंचने तक पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शनों के लिए आवास पर रखा गया था। बुधवार को उनके बेटे सूर्यवीर, जो अबू धाबी में रहते हैं, और बेटी संयुक्ता गगल एयरपोर्ट पहुंचे।
तियारा से निकली अंतिम यात्रा, बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे मेजर विजय सिंह मनकोटिया के तियारा स्थित आवास से अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी, राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता, पूर्व सैनिक और विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए।
श्मशानघाट पहुंचने के बाद हिंदू धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की गईं। सेना की विशेष सशस्त्र टुकड़ी ने सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी अंतिम संस्कार स्थल पर मौजूद रहे।
कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
मेजर विजय सिंह मनकोटिया के अंतिम संस्कार में पूर्व मंत्री सरवीण चौधरी, नूरपुर के पूर्व विधायक अजय महाजन, विधायक रणवीर सिंह निक्का, कांगड़ा के विधायक पवन काजल और विधायक सुधीर शर्मा सहित कई नेताओं ने पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान विधायक सुधीर शर्मा ने मेजर मनकोटिया को राजकीय सम्मान नहीं दिए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पांच बार के विधायक और पूर्व मंत्री रहे मेजर विजय सिंह मनकोटिया जैसे वरिष्ठ नेता को उचित राजकीय सम्मान मिलना चाहिए था।
