धर्मशाला को बड़ी सौगात! ₹19 करोड़ से बनेगा हिमाचल का पहला रिमोट सेंसिंग केंद्र, किसानों को मिलेगी मौसम और फसल की वैज्ञानिक जानकारी
डलहौज़ी हलचल | धर्मशाला। कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर धर्मशाला के पुलिस मैदान में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड का निरीक्षण कर मार्च पास्ट की सलामी ली। समारोह से पहले उन्होंने शहीद स्मारक पहुंचकर देश की आजादी के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आधुनिक तकनीक को कृषि क्षेत्र से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

19 करोड़ की लागत से बनेगा हाईटेक रिमोट सेंसिंग केंद्र
प्रो. चंद्र कुमार ने बताया कि धर्मशाला में करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से हिमाचल प्रदेश का पहला रिमोट सेंसिंग एवं डेमोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसे केंद्र सरकार के सहयोग से विकसित किया जाएगा।
इस हाईटेक केंद्र के माध्यम से मौसम, भूमि, फसल और प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित डिजिटल डेटा तैयार कर विभिन्न सरकारी विभागों को उपलब्ध करवाया जाएगा। इससे किसानों को समय पर वैज्ञानिक सलाह देने में मदद मिलेगी और सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी एवं तकनीक आधारित होगी।

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, गेहूं का समर्थन मूल्य 80 रुपये किलो
कृषि मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना शुरू की गई है। प्रदेश में प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्की का 50 रुपये तथा कच्ची हल्दी का समर्थन मूल्य 150 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के साथ-साथ टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल कृषि को बढ़ावा देना है।

गाय के दूध का 61 और भैंस के दूध का 71 रुपये प्रति लीटर खरीद मूल्य
प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए दूध खरीद और दुग्ध प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में गाय के दूध का खरीद मूल्य 61 रुपये और भैंस के दूध का 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है।
उन्होंने बताया कि कांगड़ा के ढगवार में 250 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक दुग्ध संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। यहां पनीर, दही, घी सहित विभिन्न दुग्ध उत्पाद तैयार किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
156 सरकारी स्कूलों में लागू हुआ सीबीएसई पैटर्न
कृषि मंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी दिशा में प्रदेश के 156 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना है।
स्वास्थ्य सेवाओं में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा
प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक बनाने के लिए भी व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय टांडा, आईजीएमसी शिमला, नेरचैक मेडिकल कॉलेज और चमियाणा अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध है। आधुनिक चिकित्सा मशीनरी एवं उपकरणों की खरीद पर करीब 3,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
प्राकृतिक खेती, बागवानी और पशुपालन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि और बागवानी की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार कृषि एवं पशुपालन को पारंपरिक गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि फल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के सात जिलों में एचपी शिवा परियोजना कार्यान्वित की जा रही है। परियोजना के प्रथम चरण के 3,000 हेक्टेयर लक्ष्य में से 2,612 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जा चुका है।
स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के परिजनों का सम्मान
समारोह में विभिन्न टुकड़ियों ने आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत किया और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। जरूरतमंद एवं पात्र लोगों को विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से सहायक उपकरण भी प्रदान किए गए।
इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया। रैडक्रॉस का रैफल ड्रॉ भी निकाला गया।
कृषि मंत्री ने युवाओं से स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेकर देश व प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के ज्ञान, कौशल और ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
