गोहर की महिला उद्यमियों को मिला बड़ा मंच, ऋण, सब्सिडी और ऑनलाइन बाजार की मिली पूरी जानकारी
महिला उद्यमियों के लिए आयोजित हुई फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट
डलहौज़ी हलचल | गोहर (मंडी)
जिला उद्योग केंद्र मंडी द्वारा विकास खंड कार्यालय गोहर में महिला उद्यमियों के लिए एक दिवसीय फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट का आयोजन किया गया। एनआईटीकॉन लिमिटेड के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में जिले की लगभग 50 महिला उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता, ऋण सुविधाओं, सरकारी योजनाओं और विपणन अवसरों से जोड़ना तथा उन्हें व्यवसाय विस्तार के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करना था।
वित्तीय सशक्तिकरण और स्वरोजगार पर विशेष जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी गोहर पवन शर्मा ने की। उन्होंने महिला उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने और उपलब्ध सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को बैंकिंग सेवाओं, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया, सरकारी सब्सिडी, प्रोत्साहन योजनाओं, बीमा योजनाओं तथा उद्यम पंजीकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
डिजिटल प्लेटफॉर्म और बाजार विस्तार की दी जानकारी
विशेषज्ञों ने महिला उद्यमियों को डिजिटल एवं ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रियाओं के साथ-साथ अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने के उपाय बताए। प्रतिभागियों को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) तथा ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) जैसे महत्वपूर्ण विपणन प्लेटफॉर्म की जानकारी भी दी गई।
इस दौरान महिलाओं को डिजिटल माध्यमों से व्यवसाय विस्तार और ऑनलाइन बिक्री के अवसरों के बारे में भी जागरूक किया गया।
विशेषज्ञों ने साझा की उपयोगी जानकारी
कार्यक्रम में पंजाब नेशनल बैंक के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर चंदर प्रकाश, एनएसआईसी मंडी के मुख्य प्रबंधक लोकेश भाटिया, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के मिशन एग्जीक्यूटिव निशांत शर्मा, जिला उद्योग केंद्र मंडी की राजश्री तथा एमएमएसवाई योजना की सफल लाभार्थी एवं महिला उद्यमी सुचिका कौशल विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
एनएसआईसी के मुख्य प्रबंधक लोकेश भाटिया ने एमएसएमई, उद्यम पंजीकरण, सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं, बीमा सुविधाओं तथा डिजिटल प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने एनएसआईसी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कौशल विकास और उद्यमिता संवर्धन योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी।
सुचिका कौशल ने साझा की सफलता की कहानी
एमएमएसवाई योजना की लाभार्थी सुचिका कौशल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने लगभग 18 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर पेपर प्लेट निर्माण इकाई स्थापित की। इस उद्यम के माध्यम से न केवल उन्हें स्वरोजगार मिला बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।
उनकी सफलता की कहानी ने कार्यक्रम में उपस्थित अन्य महिला उद्यमियों को भी प्रेरित किया।
योजनाओं और व्यवसायिक चुनौतियों पर हुआ संवाद
फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट के दौरान महिला उद्यमियों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं, ऋण सुविधाओं, बाजार विस्तार और व्यवसायिक चुनौतियों से जुड़े प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यावहारिक सुझाव दिए।
महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और उत्साह ने यह स्पष्ट किया कि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
रैम्प परियोजना के तहत आयोजित हुआ कार्यक्रम
यह कार्यक्रम रैम्प परियोजना के अंतर्गत संचालित “सोशल इंक्लूजन” घटक के तहत आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य महिला उद्यमियों की वित्तीय पहुंच को मजबूत करना, उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ना तथा स्थायी आजीविका और बेहतर बाजार संपर्क सुनिश्चित करना है।
उद्योग विभाग ने विश्वास जताया कि ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगे।
