हिमाचल में धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार, कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने पर सरकार का फोकस: आर.एस. बाली

धर्मशाला में आयोजित राउंडटेबल में एचपीटीडीसी अध्यक्ष आर.एस. बाली ने कहा कि हिमाचल सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने, मंदिरों के डिजिटलीकरण और पर्यटन अधोसंरचना के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
हिमाचल में धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार, कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने पर सरकार का फोकस: आर.एस. बाली

डलहौज़ी हलचल | धर्मशाला

हिमाचल प्रदेश में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं विरासत पर्यटन को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से धर्मशाला स्थित एचपीटीडीसी होटल द धौलाधार में “दर्शन : हिमाचल प्रदेश में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं विरासत पर्यटन पर राउंडटेबल” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) के अध्यक्ष आर.एस. बाली मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने पर विशेष जोर

आर.एस. बाली ने कहा कि प्रदेश सरकार कांगड़ा जिले को हिमाचल की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए हवाई संपर्क का विस्तार, हेलीपोर्ट निर्माण, रोपवे परियोजनाएं, जल क्रीड़ा गतिविधियों को बढ़ावा तथा धार्मिक पर्यटन के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में हेलीपोर्ट विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

मंदिरों का होगा डिजिटलीकरण

एचपीटीडीसी अध्यक्ष ने कहा कि सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं को मंदिरों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही प्रमुख मंदिरों का डिजिटलीकरण किया जाएगा, ताकि देश और विदेश में रहने वाले श्रद्धालु अपने घर बैठे ऑनलाइन पूजा, आरती और अन्य धार्मिक गतिविधियों के दर्शन कर सकें।

सांस्कृतिक विरासत के प्रचार के लिए ब्रांड एंबेसडर बनाए जाएंगे

आर.एस. बाली ने कहा कि हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके लिए प्रसिद्ध संगीत कलाकारों और अन्य प्रतिष्ठित हस्तियों को ब्रांड एंबेसडर बनाया जाएगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म, सांस्कृतिक उत्सवों और आधुनिक प्रचार माध्यमों के जरिए प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने की योजना तैयार की जा रही है।

ज्वालामुखी में बनेगा आधुनिक पर्यटन होटल

उन्होंने बताया कि ज्वालामुखी में पर्यटकों की सुविधा के लिए हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया होटल बनाया जा रहा है।

कांगड़ा में प्रकृति, अध्यात्म और रोमांच का अनूठा संगम

आर.एस. बाली ने कहा कि कांगड़ा और इसके आसपास लगभग 60 किलोमीटर के दायरे में छह प्रमुख शक्तिपीठ एवं धार्मिक स्थल स्थित हैं। इसके अलावा यहां नदियां, पर्वत, चाय बागान, बौद्ध मठ और पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियां उपलब्ध हैं, जो पर्यटकों को एक ही स्थान पर प्रकृति, अध्यात्म और रोमांच का अद्भुत अनुभव प्रदान करती हैं। यही विशेषताएं कांगड़ा को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित करने की अपार संभावनाएं देती हैं।

विशेषज्ञों ने रखे महत्वपूर्ण सुझाव

कार्यक्रम के दौरान धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटन से जोड़ने, स्थानीय संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण, विरासत संवर्धन तथा सतत पर्यटन को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने व्यापक विचार-विमर्श किया।

इस अवसर पर उपायुक्त हेमराज बैरवा, मुख्य अरण्यपाल बासु कौशल, उप निदेशक पर्यटन विनय धीमान, एसडीएम मोहित रत्न, डीएफओ अमित कुमार, इंटैक उपाध्यक्ष मालविका पठानिया, नरेंद्र अवस्थी, देचेन नामग्याल, कुलदीप कुमार, डीएलए के संस्थापक संकल्प शुक्ला सहित पर्यटन, संस्कृति, विरासत संरक्षण, आतिथ्य एवं उद्योग क्षेत्र से जुड़े अनेक विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

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