बागवानी मंत्री का बड़ा अल्टीमेटम: 30 जून तक काम पूरा करो, नहीं तो ठेका रद्द और ब्लैकलिस्ट तय
एचपी शिवा परियोजना की समीक्षा बैठक में मंत्री ने दिखाए सख्त तेवर
डलहौज़ी हलचल | मंडी
राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने एचपी शिवा परियोजना के कार्यों में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि 30 जून तक संतोषजनक प्रगति नहीं दिखाई देती है तो कमजोर प्रदर्शन करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और उनके कॉन्ट्रैक्ट भी समाप्त कर दिए जाएंगे। यह निर्देश उन्होंने मंडी और ऊना जिलों में संचालित एचपी शिवा परियोजना की समीक्षा बैठक के दौरान दिए।
मंडी और ऊना में परियोजना कार्यों की हुई समीक्षा
बैठक में मंडी जिले के 98 क्लस्टरों में लगभग 1085 हेक्टेयर तथा ऊना जिले के 12 क्लस्टरों में लगभग 224 हेक्टेयर क्षेत्र में चल रही परियोजना गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान सिविल कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, चुनौतियों तथा समयबद्ध क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई।
बागवानी मंत्री ने कहा कि परियोजना से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं और किसी भी स्थिति में समय विस्तार की अनुमति नहीं दी जाएगी।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
जगत सिंह नेगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना गतिविधियों की प्रतिदिन निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिन ठेकेदारों और एजेंसियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है, उनके खिलाफ अनुबंध की शर्तों के अनुसार प्रशासनिक कार्रवाई और आर्थिक दंड लगाया जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि 30 जून तक अपेक्षित प्रगति नहीं दिखने पर संबंधित ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ उनके अनुबंध भी समाप्त कर दिए जाएंगे।
किसानों को मिलेगा तकनीकी मार्गदर्शन
बागवानी मंत्री ने कहा कि पौध स्वास्थ्य प्रबंधन और तकनीकी सहायता के लिए नियुक्त विषय विशेषज्ञ (Subject Matter Specialists) और प्रबंधन विशेषज्ञ पूरी तरह जवाबदेह होंगे। वे किसानों को बागवानी और कृषि गतिविधियों से संबंधित आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेंगे, ताकि परियोजना का लाभ सीधे किसानों तक पहुंच सके।
जल और बिजली आपूर्ति समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में जल शक्ति विभाग और हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड को परियोजना स्थलों पर समयबद्ध जल एवं विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने कहा कि जल शक्ति विभाग सभी पूर्ण हो चुकी उठाऊ सिंचाई योजनाओं का हस्तांतरण करने से पहले कम से कम एक माह तक स्वयं उनका संचालन करे, ताकि उनकी कार्यक्षमता का उचित परीक्षण किया जा सके।
गुणवत्ता से समझौता नहीं करेगी सरकार
जगत सिंह नेगी ने कहा कि एचपी शिवा परियोजना राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है और इसके सफल क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों, ठेकेदारों तथा परामर्शी संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि परियोजना के सभी कार्य उच्चतम गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाने चाहिए।
बैठक में धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर, निदेशक बागवानी डॉ. सतीश शर्मा, निदेशक एचपी शिवा परियोजना डॉ. देवेंद्र सिंह ठाकुर, जल शक्ति विभाग एवं राज्य विद्युत बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी, मंडी एवं ऊना के उपनिदेशक बागवानी तथा विभिन्न परामर्शी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
