मंडी में बड़ा हादसा टला: सरकाघाट के पास HRTC बस सड़क से पलटी, चालक समेत 3 घायल

मंडी के सरकाघाट में HRTC बस सड़क से पलटकर नीचे किनारे पर फंस गई। हादसे में चालक, परिचालक और एक यात्री घायल हुए, बड़ा हादसा टल गया।
मंडी में बड़ा हादसा टला: सरकाघाट के पास HRTC बस सड़क से पलटी, चालक समेत 3 घायल

सरकाघाट में HRTC बस हादसा, बड़ा नुकसान होने से बचा

डलहौज़ी हलचल | मंडी

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सोमवार को एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। सरकाघाट क्षेत्र में एक हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की बस अचानक सड़क से पलटकर नीचे किनारे पर फंस गई। राहत की बात यह रही कि बस गहरी खाई में नहीं गिरी, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

हादसे में चालक, परिचालक और बस में सवार एक यात्री को मामूली चोटें आई हैं। तीनों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है।

भटेड़ा चौकी के पास हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, HRTC की बस थाना चौकी से सरकाघाट की ओर आ रही थी। सुबह करीब 10 बजे जब बस भटेड़ा चौकी के समीप पहुंची, तो अचानक चालक वाहन से संतुलन खो बैठा और बस सड़क से पलटकर नीचे किनारे पर जा फंसी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस सड़क के नीचे ही अटक गई, जिससे वह खाई में गिरने से बच गई।

बस में चालक, परिचालक और एक यात्री था सवार

हादसे के समय बस में चालक और परिचालक के अलावा केवल एक यात्री मौजूद था। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया तथा घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।

घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान भेजा गया, जहां उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और दुर्घटना की जांच शुरू कर दी। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटना के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस वाहन की तकनीकी स्थिति और अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है।

खाई में गिरती तो हो सकता था बड़ा हादसा

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बस कुछ और नीचे खिसक जाती या गहरी खाई में गिर जाती तो बड़ा जानमाल का नुकसान हो सकता था। बस का सड़क किनारे फंस जाना यात्रियों और कर्मचारियों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

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