चिट्टे के खिलाफ हिमाचल में बड़ा अभियान, खेलों से जुड़ेंगे युवा; प्रतियोगिताओं के लिए 11.56 करोड़ का प्रावधान

हिमाचल में ‘खेलो हिमाचल-चिट्टा मुक्त अभियान’ शुरू होगा। 3,758 पंचायतों में जागरूकता और खेल गतिविधियां होंगी, जिसके लिए 11.56 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
चिट्टे के खिलाफ हिमाचल में बड़ा अभियान, खेलों से जुड़ेंगे युवा; प्रतियोगिताओं के लिए 11.56 करोड़ का प्रावधान

डलहौज़ी हलचल | शिमला

हिमाचल प्रदेश में युवाओं को चिट्टे और अन्य मादक पदार्थों से दूर रखने के लिए राज्य सरकार ने खेलों को माध्यम बनाकर बड़ा राज्यव्यापी अभियान शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार सायं ‘खेलो हिमाचल-चिट्टा मुक्त अभियान’ की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इस पहल के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा को खेलों और अन्य रचनात्मक गतिविधियों की ओर मोड़कर नशे के खिलाफ एक सशक्त सामाजिक जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अभियान की रणनीति और कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए कहा कि चिट्टा और अन्य मादक पदार्थों की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए केवल कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है। इसके लिए रोकथाम, जनजागरूकता, पुनर्वास और युवाओं की सकारात्मक गतिविधियों में भागीदारी भी बेहद जरूरी है।

3,758 ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगा नशे के खिलाफ अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के तहत प्रदेश की सभी 3,758 ग्राम पंचायतों, आठ नगर निगमों, 29 नगर परिषदों और 39 नगर पंचायतों में युवाओं को चिट्टे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

प्रदेश में नशे से सर्वाधिक प्रभावित चिन्हित 235 ग्राम पंचायतों में विशेष रूप से गहन अभियान चलाया जाएगा। इन क्षेत्रों में खेल प्रतियोगिताओं के साथ जागरूकता कार्यक्रम, सामुदायिक संपर्क अभियान और युवा सहभागिता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

सरकार का प्रयास युवाओं तक सीधे पहुंचकर उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने के साथ स्वस्थ और रचनात्मक जीवनशैली अपनाने के अवसर उपलब्ध करवाना है।

खेलों के जरिए युवाओं को मिलेगा सकारात्मक विकल्प

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि खेल सामाजिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम हैं। खेलों से युवाओं में अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है।

उन्होंने कहा कि ‘खेलो हिमाचल-चिट्टा मुक्त अभियान’ के माध्यम से युवाओं को जमीनी स्तर पर खेल गतिविधियों से जोड़ा जाएगा, ताकि उन्हें नशे से दूर रहने का एक मजबूत और सकारात्मक विकल्प मिल सके।

मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि नशे की लत केवल युवाओं के भविष्य को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि इसका गंभीर असर उनके परिवार और पूरे समाज पर पड़ता है। इसी कारण सरकार नशा तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ रोकथाम और पुनर्वास पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है।

उपमंडल से राज्य स्तर तक होंगी खेल प्रतियोगिताएं

अभियान के अंतर्गत खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन उपमंडल, जिला और राज्य स्तर पर किया जाएगा।

प्रतियोगिताओं के सुचारू संचालन, निगरानी और पर्यवेक्षण के लिए खेल संघों के साथ युवा सेवाएं एवं खेल विभाग, शिक्षा विभाग तथा पुलिस विभाग के रेफरी और अधिकारियों को शामिल करते हुए तकनीकी समिति गठित की जाएगी।

इससे प्रतियोगिताओं का व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा अधिक से अधिक युवाओं को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

खेल प्रतियोगिताओं के लिए 11.56 करोड़ रुपये का प्रावधान

मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान के तहत आयोजित होने वाली विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के लिए 11.56 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली विजेता और उप-विजेता टीमों को पुरस्कार राशि भी प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ उन्हें सकारात्मक प्रतिस्पर्धा के लिए प्रोत्साहित करना है।

नशा मुक्त हिमाचल के लिए समाज की भागीदारी जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार एक स्वस्थ, अनुशासित और सशक्त युवा पीढ़ी के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। युवाओं को नशे के चंगुल में फंसने से बचाने के लिए समय रहते हस्तक्षेप, व्यापक जनजागरूकता और समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि नशा मुक्त हिमाचल का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए सरकार, शैक्षणिक संस्थानों, खेल संगठनों, स्थानीय निकायों, पंचायती राज संस्थाओं और समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर कार्य करना होगा।

मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों और हितधारकों से अभियान को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा इसे व्यापक जन आंदोलन बनाने में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।

बैठक में सचिव युवा सेवाएं एवं खेल प्रियंका बसु इंग्टी, निदेशक शिवम प्रताप सिंह, विशेष सचिव नवीन तन्वर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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