छतराड़ी का मां शिवशक्ति जातर मेला बना राज्य स्तरीय, हिमाचल सरकार ने जारी की अधिसूचना

चंबा के प्रसिद्ध मां शिवशक्ति जातर मेला छतराड़ी को हिमाचल सरकार ने राज्य स्तरीय मेले का दर्जा दिया। क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है।
छतराड़ी का मां शिवशक्ति जातर मेला बना राज्य स्तरीय, हिमाचल सरकार ने जारी की अधिसूचना

डलहौज़ी हलचल | चंबा

जिला चंबा की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े प्रसिद्ध मां शिवशक्ति जातर मेला छतराड़ी को अब राज्य स्तरीय मेले का दर्जा मिल गया है। हिमाचल प्रदेश सरकार के भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा 18 जून 2026 को जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार इस मेले को जिला स्तरीय से बढ़ाकर राज्य स्तरीय मेला घोषित किया गया है।

इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद भरमौर-पांगी सहित पूरे चंबा जिले में खुशी और उत्साह का माहौल है।

राज्यपाल ने दी राज्य स्तरीय दर्जे को मंजूरी

जारी अधिसूचना के अनुसार हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने मां शिवशक्ति जातर मेला छतराड़ी को राज्य स्तरीय मेला घोषित करने की स्वीकृति प्रदान की है। यह लंबे समय से क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों की प्रमुख मांग रही थी, जो अब पूरी हो गई है।

इस निर्णय को क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक आस्था को मिला बड़ा सम्मान माना जा रहा है।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने जताया आभार

इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला कांग्रेस कमेटी चंबा के अध्यक्ष सुरजीत शर्मा भरमौरी ने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय दर्जा मिलने से इस प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक मेले को प्रदेश ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। उन्होंने इस उपलब्धि पर समस्त जिला चंबा और विशेष रूप से भरमौर-पांगी क्षेत्र की जनता को बधाई दी।

 

6 जून की कैबिनेट बैठक में लिया गया था निर्णय

जानकारी के अनुसार यह महत्वपूर्ण फैसला 6 जून 2026 को आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया था। इसके बाद भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर अधिसूचना जारी की।

सचिव (भाषा एवं संस्कृति) राकेश कंवर के आदेशानुसार अतिरिक्त सचिव निशा कश्यप द्वारा अधिसूचना की प्रतियां संबंधित विभागों और अधिकारियों को आगामी कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

राज्य स्तरीय दर्जा मिलने के बाद मां शिवशक्ति जातर मेले के आयोजन के लिए सरकारी सहयोग और बजट में वृद्धि होने की संभावना है। इससे मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकेंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी।

चंबा की सांस्कृतिक धरोहर को मिली नई पहचान

मां शिवशक्ति जातर मेला छतराड़ी वर्षों से क्षेत्र की धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक रहा है। राज्य स्तरीय दर्जा मिलने से इस ऐतिहासिक मेले की प्रतिष्ठा और अधिक बढ़ेगी तथा हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

क्षेत्रवासियों ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे चंबा और भरमौर क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।

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