कांगड़ा में 4.70 लाख राशनकार्ड धारकों को मिला 62.68 करोड़ का राशन, 9 नई उचित मूल्य दुकानें खोलने को मंजूरी
डलहौज़ी हलचल | धर्मशाला
जिला कांगड़ा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को और अधिक पारदर्शी, सुचारू तथा उपभोक्ता हितैषी बनाने के लिए जिला स्तरीय समीक्षा एवं सतर्कता समिति की बैठक आयोजित की गई। अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) कांगड़ा विनय कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में खाद्यान्नों के भंडारण, गुणवत्ता, नियमित आपूर्ति और विभागीय निरीक्षणों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत हर पात्र उपभोक्ता को समय पर और गुणवत्तापूर्ण राशन उपलब्ध कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता रहेगी।
5 माह में 4.70 लाख परिवारों को वितरित हुआ 62.68 करोड़ का राशन
अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार ने बताया कि जिला कांगड़ा में मार्च से जुलाई, 2026 तक बीते पांच महीनों में 1,161 उचित मूल्य की दुकानों (डिपो) के माध्यम से 4 लाख 70 हजार 948 राशनकार्ड धारकों को 62.68 करोड़ रुपये मूल्य का खाद्यान्न उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिक गृहस्थी श्रेणियों के तहत पात्र परिवारों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न का समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाए।
अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई: 7,164 निरीक्षण और 8.38 लाख का जुर्माना
खाद्यान्नों की गुणवत्ता और पारदर्शी वितरण व्यवस्था बनाए रखने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा सतत निगरानी रखी जा रही है। एडीसी ने जानकारी दी कि पिछले पांच महीनों के दौरान जिला में कुल 7,164 निरीक्षण किए गए।
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56 मामलों में पाई गई अनियमितताएं: प्रतिभूति एवं मूल्यांतर राशि के रूप में 8.38 लाख रुपये वसूले गए।
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पॉलीथीन कम्पाउंडिंग: 16,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग: 10,000 रुपये की जुर्माना राशि वसूल की गई।
इसके साथ ही उन्होंने जिला में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए।
9 नई उचित मूल्य दुकानें और 3 शाखाएं खोलने को हरी झंडी
बैठक में राशन वितरण नेटवर्क का विस्तार करने के लिए प्राप्त आवेदनों पर विचार-विमर्श किया गया। समिति ने जिला में:
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9 नई उचित मूल्य की दुकानें और 3 शाखाएं खोलने के प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया।
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7 नई दुकानों को अंतिम स्वीकृति दी गई।
संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्वीकृत दुकानों की आगामी औपचारिकताओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को राशन के लिए दूर न जाना पड़े।
पीओएस मशीन, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और शिकायत निवारण
जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि कांगड़ा जिले की सभी उचित मूल्य की दुकानों में पीओएस (PoS) मशीनों के माध्यम से चेहरे की पहचान (Facial Recognition) और ओटीपी (OTP) आधारित प्रमाणीकरण के जरिए ही राशन का पारदर्शी वितरण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जनशिकायतों का त्वरित निपटारा किया जा रहा है:
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मुख्यमंत्री सेवा संकल्प: 919 शिकायतें प्राप्त हुईं और समाधान किया गया।
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ई-समाधान पोर्टल: 7 शिकायतें प्राप्त और हल की गईं।
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अन्य माध्यम: 30 शिकायतों का सफलतापूर्वक निवारण किया गया।
मिड-डे मील, पोषण योजनाओं और आंगनवाड़ी व्यवस्था की समीक्षा
समीक्षा बैठक के दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत स्कूलों में बच्चों को दिए जा रहे मिड-डे मील की गुणवत्ता, डाइट चार्ट और शौचालयों की स्वच्छता पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा, आंगनवाड़ी केंद्रों में शिशु देखभाल, पोषण, गर्भवती व धात्री महिलाओं और नवजात शिशुओं की नियमित स्वास्थ्य जांच व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया गया।
इस बैठक में जिला परिषद अध्यक्षा सीमा चौधरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार शर्मा, डॉ. अरविंद राणा, डॉ. दीपिका सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
