सलूणी की बाड़का पंचायत की पहली ग्राम सभा में हंगामा, ‘प्रधान पति’ पर बैठक चलाने का आरोप; पंचायत सचिव को नोटिस
डलहौज़ी हलचल | सलूणी (चंबा)
चंबा जिले के उपमंडल सलूणी की बाड़का पंचायत में आयोजित पहली ग्राम सभा की बैठक विवादों में घिर गई। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्वाचित महिला प्रधान की मौजूदगी के बावजूद ग्राम सभा की कार्यवाही का संचालन उनके पति, जो पूर्व प्रधान भी हैं, कर रहे थे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने लिया संज्ञान
ग्रामीणों द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में कथित रूप से महिला प्रधान के पति बैठक को संबोधित करते दिखाई दिए। वीडियो सामने आने के बाद विकास खंड प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच के आधार पर पंचायत सचिव को दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
पंचायत सचिव की भूमिका पर भी उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि बैठक के दौरान पंचायत सचिव की जिम्मेदारियों का निर्वहन भी किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था। इसके अलावा ग्राम सभा में शामिल लोगों के बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं थी। कई लोगों को कच्चे भवन में बैठना पड़ा, जबकि कुछ ग्रामीण पूरी बैठक के दौरान खड़े रहे।
बीडीओ बोले—जांच में आरोप सही पाए गए
विकास खंड अधिकारी (बीडीओ) कंवर सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि महिला प्रधान की उपस्थिति के बावजूद बैठक का संचालन उनके पति कर रहे थे। साथ ही पंचायत सचिव भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन उनके दायित्वों का निर्वहन अन्य व्यक्ति द्वारा किए जाने की बात सामने आई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत नियमों के अनुसार यदि निर्वाचित प्रधान स्वयं उपस्थित हैं तो उनके स्थान पर पति, परिजन या कोई अन्य व्यक्ति ग्राम सभा की अध्यक्षता अथवा संचालन नहीं कर सकता। इसी प्रकार पंचायत सचिव की जिम्मेदारियां भी किसी अन्य को नहीं सौंपी जा सकतीं।
पूर्व प्रधान ने दी सफाई
विवाद के बाद महिला प्रधान के पति एवं पूर्व प्रधान प्रहलाद ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जिस समय उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित किया, उस समय ग्राम सभा की औपचारिक कार्यवाही शुरू नहीं हुई थी और न ही बैठक का कोरम पूरा हुआ था।
उनका कहना है कि वे केवल अपने पिछले कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों की जानकारी ग्रामीणों के साथ साझा कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।
पंचायत सचिव का पक्ष
पंचायत सचिव शिव कुमार ने भी कहा कि जिस समय विवाद हुआ, उस समय ग्राम सभा की आधिकारिक कार्यवाही प्रारंभ नहीं हुई थी। उन्होंने प्रशासन को नियमानुसार अपना स्पष्टीकरण देने की बात कही है।
प्रशासन करेगा आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने पंचायत सचिव से दो दिनों के भीतर जवाब मांगा है। प्राप्त स्पष्टीकरण और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
