गग्गल एयरपोर्ट के पास बनेगी ‘एरोसिटी’: उप-मुख्य सचेतक ने मुख्यमंत्री सुक्खू से की भेंट, प्रभावितों के लिए मांगा उचित मुआवजा
डलहौज़ी हलचल (शिमला) : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से आज यहाँ उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने शिष्टाचार भेंट की। इस बैठक के दौरान कांगड़ा के गग्गल एयरपोर्ट के समीप प्रस्तावित एरोसिटी परियोजना (Aerocity Project) और उससे जुड़े भूमि अधिग्रहण के मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुआवजा दरों के पुनर्निर्धारण की मांग
केवल सिंह पठानिया ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि जिला प्रशासन द्वारा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट के समीप के क्षेत्र की वर्तमान दर लगभग 24 लाख रुपये प्रति कनाल है।
पठानिया ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि प्रभावित क्षेत्र के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए मुआवजा दरों का पुनर्निर्धारण (Re-evaluation) किया जाए। उन्होंने कहा कि उचित और आकर्षक मुआवजा मिलने से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी होगी और स्थानीय निवासियों का विश्वास भी बढ़ेगा।
एरोसिटी परियोजना से बदल जाएगी कांगड़ा की सूरत
बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लाभों पर भी चर्चा हुई। एरोसिटी के निर्माण से:
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पर्यटन को पंख: कांगड़ा घाटी में पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी।
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रोजगार के अवसर: स्थानीय युवाओं के लिए होटल, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्र में नौकरियों के नए द्वार खुलेंगे।
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आर्थिक मजबूती: जिला कांगड़ा और आसपास के क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री का आश्वासन: “प्रभावितों के हितों की होगी रक्षा”
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इस विषय पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रभावित लोगों के हितों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भूमि देने वाले परिवारों को उचित और सम्मानजनक मुआवजा मिले ताकि विकास के साथ-साथ उनके अधिकारों की भी रक्षा हो सके।
