चंबा में प्राकृतिक गेहूं की खरीद शुरू, किसानों को मिलेगा 80 रुपये प्रति किलो समर्थन मूल्य
डलहौज़ी हलचल | चंबा
आत्मा परियोजना एवं कृषि विभाग चंबा द्वारा सोमवार से प्राकृतिक खेती पद्धति से उत्पादित गेहूं की खरीद प्रक्रिया का शुभारंभ कर दिया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इस वर्ष प्राकृतिक गेहूं का समर्थन मूल्य 60 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है, जिससे जिले के किसानों में उत्साह का माहौल है।
175 किसानों से 134 क्विंटल गेहूं खरीदने का लक्ष्य
कृषि विभाग द्वारा इस वर्ष जिला चंबा में 175 किसानों से कुल 134 क्विंटल प्राकृतिक गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों की सुविधा के लिए जिले में तीन खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं।
पहला खरीद केंद्र चंबा विकास खंड के लिए बालू स्थित नागरिक आपूर्ति निगम के गोदाम में, दूसरा केंद्र बनीखेत में तथा तीसरा केंद्र भटियात विकास खंड के किसानों के लिए चुवाड़ी में स्थापित किया गया है।
पहले दिन 32 किसानों से खरीदा गया गेहूं
खरीद प्रक्रिया के प्रथम चरण में चंबा विकास खंड के 22 किसानों से 22.65 क्विंटल प्राकृतिक गेहूं खरीदा गया। वहीं बनीखेत केंद्र में भटियात क्षेत्र के 10 किसानों से लगभग 4 क्विंटल प्राकृतिक गेहूं की खरीद की गई।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह खरीद प्रक्रिया आगामी एक सप्ताह तक जारी रहेगी।
प्राकृतिक खेती बढ़ाने के लिए किसानों को किया प्रेरित
इस अवसर पर आत्मा परियोजना के परियोजना निदेशक डॉ. नितिन कुमार शर्मा ने किसानों से संवाद करते हुए प्राकृतिक खेती का दायरा बढ़ाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों की उत्पादन लागत कम करने, आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। साथ ही यह मानव स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है, क्योंकि इसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया जाता।
नमी परीक्षण के बाद दी गई रसीदें
खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों द्वारा लाए गए गेहूं का नमी (मॉइस्चर) परीक्षण किया गया। निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए गेहूं की खरीद कर किसानों को विधिवत रसीदें प्रदान की गईं।
विभाग ने सभी किसानों के बैंक खातों का विवरण भी एकत्रित कर लिया है, ताकि सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य की राशि सीधे उनके खातों में समयबद्ध तरीके से हस्तांतरित की जा सके।
कृषि विभाग के अधिकारी भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में डॉ. शिवानी राणा सहित कृषि विभाग और आत्मा परियोजना के विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी।
कृषि विभाग का मानना है कि समर्थन मूल्य में वृद्धि से जिले में प्राकृतिक खेती को और अधिक बढ़ावा मिलेगा तथा आने वाले वर्षों में अधिक किसान इस पद्धति को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
