डलहौजी स्कूल प्रबंधन समिति का गठन, अजय कुमार बने अध्यक्ष और ज्योति चुनी गईं उपाध्यक्ष
डलहौज़ी हलचल | डलहौजी
पीएम श्री नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डलहौजी में स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) की आम सभा का आयोजन किया गया। यह बैठक राज्य एवं जिला स्तर से प्राप्त निर्देशों के अनुसार विद्यालय प्रबंधन समिति के नवगठन के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। बैठक में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लिया और सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।
125 अभिभावकों ने दर्ज करवाई उपस्थिति
आयोजित बैठक में लगभग 125 अभिभावकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। विद्यालय के सुचारू संचालन, शैक्षणिक विकास तथा विभिन्न गतिविधियों में अभिभावकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समिति के गठन की प्रक्रिया संपन्न की गई।
अजय कुमार बने अध्यक्ष, ज्योति चुनी गईं उपाध्यक्ष
कार्यकारिणी गठन के दौरान विभिन्न पदों के लिए नाम आमंत्रित किए गए। अध्यक्ष पद के लिए अजय कुमार तथा उपाध्यक्ष पद के लिए ज्योति के नाम प्रस्तावित किए गए, जिन्हें सर्वसम्मति से चयनित किया गया।
कार्यकारिणी में इन सदस्यों को किया गया शामिल
विद्यालय प्रबंधन समिति की नवगठित कार्यकारिणी में बंटी कुमार, अंजू देवी, बिंदु, मीनू, दिनेश कुमार, उर्मिला, कुलदीप, पूजा, अजय सिंह, रानी देवी, शिवानी, अमरू और सुरजीत को सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया।
विद्यालय की प्रधानाचार्य वंदना शर्मा को समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया।
शिक्षकों को भी दी गई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
विद्यालय के प्रभावी संचालन और शैक्षणिक गतिविधियों के समन्वय के लिए शिक्षकों में मधु ठाकुर (प्रवक्ता भूगोल), दिनेश चौहान (प्रवक्ता समाजशास्त्र), वीरेंद्र ठाकुर (टीजीटी आर्ट्स) तथा सुनील सिंह शास्त्री (टीजीटी संस्कृत) को समिति के सदस्य के रूप में नामित किया गया।
2026 से 2028 तक रहेगा कार्यकाल
नवगठित विद्यालय प्रबंधन समिति का कार्यकाल वर्ष 2026 से 2028 तक रहेगा। समिति विद्यालय के शैक्षणिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रधानाचार्य ने दी शुभकामनाएं
विद्यालय की प्रधानाचार्य वंदना शर्मा ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों एवं सदस्यों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि समिति विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, सांस्कृतिक गतिविधियों और समग्र विकास में सक्रिय सहयोग प्रदान करेगी। बैठक का समापन जलपान के पश्चात किया गया।
