शिमला में एससी/एसटी मामलों की समीक्षा, उपायुक्त बोले- पीड़ितों को समय पर मिले राहत और न्याय
डलहौज़ी हलचल | शिमला
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के प्रभावी क्रियान्वयन और इसके अंतर्गत प्रदान किए गए प्रावधानों की समीक्षा के उद्देश्य से जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक बचत भवन शिमला में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त अनुपम कश्यप ने की।
लंबित मामलों और राहत सहायता की हुई समीक्षा
बैठक में अधिनियम के तहत दर्ज मामलों, पीड़ितों को प्रदान की जाने वाली राहत एवं पुनर्वास सहायता, लंबित मामलों की स्थिति तथा विभिन्न विभागों द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 से मई 2026 तक जिला शिमला में एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़े 48 मामले लंबित हैं।
अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी पालन करने के निर्देश
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अत्याचार से संबंधित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए अधिनियम के सभी प्रावधानों का प्रभावी ढंग से पालन किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह कानून समाज के कमजोर वर्गों को सुरक्षा प्रदान करने तथा उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पात्र लाभार्थियों को समय पर मिले राहत राशि
बैठक में बताया गया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत विभिन्न मामलों में पीड़ितों को न्यूनतम 85 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 8 लाख 25 हजार रुपये तक की राहत राशि प्रदान करने का प्रावधान है।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को राहत और पुनर्वास सहायता समयबद्ध रूप से उपलब्ध करवाई जाए।
पंचायत प्रतिनिधियों को भी दिया जाएगा प्रशिक्षण
अनुपम कश्यप ने कहा कि शीघ्र ही पंचायत प्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में एससी/एसटी अधिनियम सहित अन्य महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी दी जाएगी, ताकि पंचायत प्रतिनिधि ग्रामीण स्तर पर लोगों को जागरूक कर सकें और प्रभावित व्यक्तियों को न्याय दिलाने में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
जिले में अनुसूचित जाति आबादी का आंकड़ा
बैठक में जानकारी दी गई कि जिला शिमला की कुल जनसंख्या 8,14,010 है, जिसमें अनुसूचित जाति की जनसंख्या 2,15,777 है, जो कुल आबादी का 26.51 प्रतिशत है।
इसके अलावा जिले के 684 गांवों में अनुसूचित जाति की जनसंख्या 40 प्रतिशत से अधिक है, जबकि 292 गांव ऐसे हैं जहां अनुसूचित जाति समुदाय के 90 से अधिक लोग निवास करते हैं।
विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा, एएसपी मेहर पंवर, एएसपी अमित ठाकुर, जिला कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा, गैर सरकारी सदस्य बुद्धि राम जस्टा एवं उत्तम सिंह सहित सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, जनजातीय विकास विभाग तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
