शिमला में बड़ा फैसला: गुमशुदा व्यक्ति की सूचना मिलते ही तुरंत दर्ज होगी FIR, मानव तस्करी रोकने के लिए विशेष कार्यशाला भी होगी
डलहौज़ी हलचल | शिमला
जिला स्तरीय मानव तस्करी निरोधक इकाई (एएचटीयू) की बैठक उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जी. गणेशा बनाम तमिलनाडु राज्य मामले में जारी दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों सहित गुमशुदा व्यक्तियों की सुरक्षा तथा उनकी शीघ्र तलाश सुनिश्चित करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
प्रारंभिक जांच के नाम पर नहीं होगी देरी
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार किसी भी व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस बिना किसी अनावश्यक विलंब के तत्काल एफआईआर दर्ज करेगी और मामले की गंभीरता से जांच शुरू करेगी।
उन्होंने कहा कि गुमशुदगी के मामलों में प्रारंभिक जांच के नाम पर देरी स्वीकार्य नहीं होगी। प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मानव तस्करी अथवा अन्य आपराधिक गतिविधियों की आशंका को समय रहते रोका जा सके।
मानव तस्करी निरोधक इकाइयों को किया जाएगा और मजबूत
बैठक में बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय ने मानव तस्करी निरोधक इकाइयों (Anti Human Trafficking Unit – AHTU) को अधिक सशक्त बनाने, पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने तथा आधुनिक तकनीक के उपयोग से खोज अभियान को और प्रभावी बनाने पर भी बल दिया है।
उपायुक्त ने कहा कि इन दिशा-निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा मजबूत होगी, गुमशुदगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी तथा आम नागरिकों का पुलिस और कानून-व्यवस्था पर विश्वास भी बढ़ेगा।
बच्चों की सुरक्षा पर होगी विशेष कार्यशाला
बैठक में निर्णय लिया गया कि अगले तीन सप्ताह के भीतर जिला स्तर पर बच्चों की सुरक्षा और मानव तस्करी से जुड़े विषयों पर एक विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें विभिन्न विभागों, बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, गैर-सरकारी संगठनों और अन्य संबंधित हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
कार्यशाला में संबंधित कानूनों, उनके प्रभावी क्रियान्वयन, संस्थागत समन्वय तथा पीड़ितों के संरक्षण एवं पुनर्वास जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
क्या है जिला स्तरीय मानव तस्करी निरोधक इकाई (AHTU)?
जिला स्तरीय मानव तस्करी निरोधक इकाई (AHTU) का उद्देश्य मानव तस्करी, महिलाओं एवं बच्चों की तस्करी, गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश तथा पीड़ितों के बचाव और पुनर्वास से जुड़े मामलों में प्रभावी एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। यह इकाई जिला पुलिस के अंतर्गत कार्य करती है और विभिन्न सरकारी विभागों, बाल कल्याण समिति, महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग तथा गैर-सरकारी संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करती है।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी ममता पॉल, नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अंजली चौहान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
