HPU को मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात, नए भवनों का उद्घाटन; ग्रीन हाइड्रोजन रिसर्च पर दिया जोर

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया और ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र में शोध करने का आह्वान किया।
HPU को मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात, नए भवनों का उद्घाटन; ग्रीन हाइड्रोजन रिसर्च पर दिया जोर

डलहौज़ी हलचल | शिमला

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों से भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ग्रीन हाइड्रोजन जैसे उभरते क्षेत्रों में शोध कार्यों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

10.09 करोड़ रुपये के मल्टी फैकल्टी भवन का उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने 10.09 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित मल्टी फैकल्टी भवन का उद्घाटन किया। इस आधुनिक भवन में तीन शैक्षणिक मंजिलें, कंप्यूटर-कम-सीबीटी लैब तथा पार्किंग सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित सीबीटी लैब का भी उद्घाटन किया।

उन्होंने कहा कि यह सुविधा डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों की शैक्षणिक क्षमता में वृद्धि करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

नए अकादमिक ब्लॉक का किया शिलान्यास

मुख्यमंत्री ने 8.25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए अकादमिक ब्लॉक का शिलान्यास भी किया। यह पांच मंजिला भवन होगा, जिसमें पार्किंग सुविधा, अतिरिक्त कक्षाएं और बढ़ती छात्र संख्या के अनुरूप आधुनिक शैक्षणिक ढांचा विकसित किया जाएगा।

विश्वविद्यालय को हर वर्ष मिल रही 150 करोड़ रुपये की सहायता

मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार विश्वविद्यालय के विकास के लिए हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार एचपीयू को प्रतिवर्ष लगभग 150 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे, डिजिटल परिवर्तन और शैक्षणिक उत्कृष्टता को नई मजबूती मिलेगी।

ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र में शोध की अपार संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में सोलन जिले के नालागढ़ में प्रदेश की पहली ग्रीन हाइड्रोजन परियोजना स्थापित की जा रही है।

उन्होंने विश्वविद्यालय से ग्रीन हाइड्रोजन क्षेत्र में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने का आग्रह करते हुए कहा कि यह क्षेत्र भविष्य की ऊर्जा जरूरतों और रोजगार सृजन के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

युवाओं को अब शिमला में ही मिलेगी CBT परीक्षा की सुविधा

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई कंप्यूटर-कम-सीबीटी लैब के माध्यम से शिमला जिला के युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) देने के लिए अब अन्य जिलों में नहीं जाना पड़ेगा।

उन्होंने बताया कि इस अत्याधुनिक लैब में एक समय में लगभग 250 अभ्यर्थी परीक्षा दे सकेंगे, जिससे छात्रों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

आत्मनिर्भर हिमाचल के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के अधिकारों की रक्षा और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए अनेक परिवर्तनकारी कदम उठा रही है।

कार्यक्रम में विधायक हरिश जनारथा, सुरेश कुमार, संजय अवस्थी, विवेक शर्मा, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेंद्र श्याम, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति महावीर सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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