राज्य अनुसूचित जाति आयोग के वरिष्ठ सहायक वरिंद्र डोगरा सेवानिवृत्त, भावभीनी विदाई दी गई
डलहौज़ी हलचल | ऊना
राज्य अनुसूचित जाति आयोग कार्यालय में वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत वरिंद्र डोगरा शुक्रवार को लगभग 16 वर्षों का सेवाकाल पूरा करने के बाद सेवानिवृत्त हो गए। इस अवसर पर आयोग कार्यालय में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके सुखद एवं स्वस्थ भविष्य की कामना की।
वर्ष 2010 में शुरू किया था सेवाकाल
वरिंद्र डोगरा ने जुलाई 2010 में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में क्लर्क के पद पर अपनी सेवाएं आरंभ की थीं। इसके बाद उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।
दिसंबर 2024 से सेवानिवृत्ति तक वह राज्य अनुसूचित जाति आयोग कार्यालय में वरिष्ठ सहायक के पद पर कार्यरत रहे। इस दौरान उन्होंने अपने कार्यों को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ पूरा किया।
कुलदीप कुमार धीमान ने की सराहना
राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि वरिंद्र डोगरा ने अपने पूरे सेवाकाल के दौरान अनुशासन, समर्पण और ईमानदारी के साथ कार्य किया।
उन्होंने कहा कि उनका सरल स्वभाव और सहयोगात्मक कार्यशैली सभी के लिए प्रेरणादायक रही है। विभाग और आयोग के प्रति उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
सहयोगियों ने साझा किए अनुभव
इस अवसर पर आयोग के सदस्य डॉ. विजय डोगरा, दिग्विजय मल्होत्रा, शालिनी, सहायक आयुक्त विनय मोदी, सदस्य सचिव विश्रुत भारती, सीडीपीओ बंगाणा विवेक कुमार तथा तहसील कल्याण अधिकारी ऊना जतिंद्र शर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने उनके कार्यों की सराहना की।
सभी ने उनके समर्पण, कार्यकुशलता और सौम्य व्यवहार की प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलने पर जताया आभार
वरिंद्र डोगरा ने अपने संबोधन में विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी सेवा में बिताया गया समय उनके जीवन की अमूल्य धरोहर रहेगा।
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने सरकारी सेवा शुरू की थी, तब वे नई पेंशन योजना (एनपीएस) के अंतर्गत आते थे, लेकिन अब उन्हें पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ प्राप्त हो रहा है। इसके लिए उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
परिवार के साथ किया गया सम्मानित
समारोह के अंत में राज्य अनुसूचित जाति आयोग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से वरिंद्र डोगरा और उनके परिवार के सदस्यों को शॉल, हिमाचली टोपी और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी मीना डोगरा, पुत्री खुशबू डोगरा, दामाद जीतन, भाई बतन डोगरा तथा अन्य परिजन और विभागीय कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
